नक्सलियाें ने मुखबिर बता युवती काे मार डाला
गुमला : चैनपुर के सिविल घुसरी गांव की थी संजीता- भाकपा माओवादी ने परचा छोड़ा- नक्सली भय से शव लाने नहीं गयी पुलिसकाेटसूचना मिली है कि पुलिस मुखबिरी में संजीता की हत्या हुई है. शव बरामद कर लिया है. संजीता पुलिस के लिए काम नहीं करती थी.भीमसेन टुटी, एसपी, गुमला8 गुम 19 में शव के समीप लोगप्रतिनिधि, गुमलाचैनपुर थाना क्षेत्र के सिविल घुसरी गांव में नक्सली संगठन भाकपा माओवादी ने संजीता कुमारी (22) की गोली मार कर हत्या कर दी. जिउतिया के दिन से उसे पांच गोली मारी गयी. शव गुरुवार को मिला.
घटनास्थल पर माओवादी के दिनबंधु ने परचा छोड़ा है. इसमें संजीता की हत्या की जिम्मेवारी ली. कहा गया है कि पुलिस मुखबिरी, सबजोनल कमांडर सिलवेस्टर की मौत व संगठन से भाग कर जेजेएमपी में शामिल हुए माठू के साथ संबंध होने के कारण संजीता की हत्या की गयी है. सूचना के बाद भी नक्सली भय से पुलिस गांव नहीं गयी और ग्रामीणों के सहयोग से शव को मंगवाया.संजीता गुमला में रह कर पढ़ती थीनक्सलियों के डर से संजीता गुमला में रह कर पढ़ाई करती थी.
सिलाई का काम भी करती थी. पिता फंदु मुंडा व छोटा भाई संजय मुंडा ने बताया कि मंगलवार की सुबह वह रोटी बना रही थी. तभी 15-20 हथियारबंद माओवादी पहुंचे और संजीता को खींचते हुए ले गये. सिविल व घुसरी के समीप ले जाकर उसे गोली मार दी. पुलिस नहीं पहुंची, ताे परिजन शव को उठा कर घर ले जा रहे थे. लेकिन डर से ग्रामीण शव को उठाने नहीं दिया. इस कारण दो दिन तक शव पड़ा रहा.
