घटिया सड़क, प्राथमिकी दर्ज

आरइओ के इइ ने गुमला थाने में एनपीसीसी के अधिकारी व संवेदक के खिलाफ दर्ज कराया केस दुर्जय पासवान गुमला : गुमला में ग्रामीण पथ निर्माण विकास विभाग से बनी सड़कों में भारी गड़बड़ी हुई है. घटिया सड़क बना कर इंजीनियर व ठेकेदार पूरा पैसा डकार गये. इस मामले में आरइओ के कार्यपालक अभियंता इमानुएल […]

आरइओ के इइ ने गुमला थाने में एनपीसीसी के अधिकारी व संवेदक के खिलाफ दर्ज कराया केस
दुर्जय पासवान
गुमला : गुमला में ग्रामीण पथ निर्माण विकास विभाग से बनी सड़कों में भारी गड़बड़ी हुई है. घटिया सड़क बना कर इंजीनियर व ठेकेदार पूरा पैसा डकार गये. इस मामले में आरइओ के कार्यपालक अभियंता इमानुएल तिग्गा ने गुमला थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है.
उन्होंने जांच के क्रम में गुमला के तीन सड़कों के निर्माण में अनियमितता पायी है. इन तीनों सड़कों के निर्माण में लगे इंजीनियर, प्रोजेक्ट मैनेजर, संवेदक व एसक्यूएम पर केस किया गया है. इन लोगों पर कागजात की हेराफेरी व मापी पुस्तिका में गलत इंट्री कर सरकारी राशि को हड़पने का आरोप है. यहां बता दें कि पूर्व में ग्रामीणों व स्थानीय नेताओं ने उक्त सड़कों के निर्माण में भारी अनियमितता बरतने का आरोप लगाया था. इसके बाद इसकी जांच विधानसभा की टीम ने की थी. प्रभात खबर में घटिया निर्माण की खबर छपती रही है. इस पर जांच हुई और अब प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
सड़क नंबर- वन : फोरी से भंडरिया भाया अटरिया गांव तक साढ़े 4.40 किमी लंबी सड़क बननी है. काम अधूरा है. जितना काम हुआ है, भारी अनियमितता बरती गयी है. यह सड़क एक करोड़ 12 लाख 343 रुपये की लागत से बननी है. इसके संवेदक पवन सुत हनुमान कंस्ट्रक्शन है. इस सड़क के निर्माण में एनपीसीसी के इंजीनियर अंजार अनीस, एनपीसीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विजय शंकर सिंह, एसक्यूएम संजय कुमार राय व विरेंद्र प्रसाद है. जिन्हें अभियुक्त बनाया गया है. इस सड़क में अब तक 70 लाख 48 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं.
सड़क नंबर- टू : कोटाम गांव से कीता गांव तक 3.20 किमी सड़क बननी है. कुछ सड़क बनी है. अभी भी अधूरी है. इसमें जितना सड़क बनी है, घटिया बनी है. सबसे बड़ी बात कि पूर्व में यह सड़क मनरेगा से बनी थी. फिर उसी सड़क को एनपीसीसी ने भी बनाया. इस सड़क की लागत एक करोड़ 33 लाख 43 हजार रुपये है. इसके संवेदक केबी कंस्ट्रक्शन है. जबकि सड़क निर्माण के इंजीनियर एनपीसीसी के अंजार अनीस, प्रोजेक्ट मैनेजर विजय शंकर सिंह, एसक्यूएम विरलव सन्याल व संजय राय है. जिन्हें अभियुक्त बनाया गया है.
सड़क नंबर – थ्री : तिगरा गांव से जोराग गांव तक 3.75 किमी लंबी सड़क बननी है. लगभग 79 लाख 75 हजार रुपये है. सड़क घटिया बनी है. कई जगह सड़क बनने के बाद टूट गयी है. इसके संवेदक पवनसुत हनुमान कंस्ट्रक्शन है. जिसे अभियुक्त बनाया गया है.इसके अलावा एनपीसीसी के इंजीनियर अंजार अनीस, प्रोजेक्ट मैनेजर विजय शंकर सिंह, एसक्यूएम संजय राय व विभाष विश्वास को भी आरोपी बनाया गया है. इसमें 36 लाख 75 हजार रुपये खर्च हो चुका है.

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