कमर व हाथ फूलने से बच्चा दर्द से परेशान.निजी क्लिनिक की लापरवाही से बच्चे की स्थिति नाजुक4 गुम 19 में फूला हुआ हाथ दिखाते पंकज किंडो.प्रतिनिधि, गुमलाशहर के एक निजी क्लिनिक व जांच केंद्र की लापरवाही से साढ़े पांच वर्षीयपंकज किंडो की स्थिति खराब हो गयी है. इंजेक्शन पड़ने के बाद उसका कमर व हाथ फूल गया है. जिससे वह दर्द से परेशान हैं. 10 दिन से वह दर्द से कराह रहा है. लेकिन उसके कमर व हाथ में कोई सुधार नहीं हुआ है. परिजन कई डॉक्टरों के पास जांच कराये. स्थिति में सुधार नहीं होने के बाद बच्चे को शनिवार को सदर अस्पताल में लाकर इलाज कराया. डॉ प्रदीप कुमार लिंडा ने जांच के बाद बताया कि निजी क्लिनिक के कंपाउंडर ने गलत तरीके से इंजेक्शन कमर में दे दिया. जिस कारण कमर फूल गया. वहीं खून जांच के दौरान इंफेक्शन वाले सूई से खून लिया गया है. जिस कारण बच्चे का हाथ फूल. पकने के बाद इसका ऑपरेशन कर ठीक किया जायेगा. बच्चे को अस्पताल में भरती करने के लिए मां-पिता को कहा है. इस संबंध में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ कृष्णा प्रसाद ने बताया कि फूले हुए अंग में पायोलिक अपशिष्ट है. कुछ लोगों के शरीर में इस प्रकार होता है. यह कहीं भी हो सकता है. पंकज की मां तेतरी उरांव ने बताया कि पंकज को बुखार व बदन में दर्द होने के बाद 20 जून को शहर के एक शिशु रोग विशेषज्ञ के निजी क्लिनिक में इलाज कराये. डॉक्टर के कहने पर इंजेक्शन दिया गया. खून जांच करने के लिए कहा तो उसे भी कराया. लेकिन दो दिन भी सुधार होने के बजाये कमर व हाथ फूल गया. हमलोग पहले से गरीब हैं. बच्चे की बीमारी के बाद आर्थिक स्थिति खराब हो गयी. किसी प्रकार इलाज करवा रहे हैं.
:::: इंजेक्शन देने के बाद बच्चे का कमर व हाथ फूला
कमर व हाथ फूलने से बच्चा दर्द से परेशान.निजी क्लिनिक की लापरवाही से बच्चे की स्थिति नाजुक4 गुम 19 में फूला हुआ हाथ दिखाते पंकज किंडो.प्रतिनिधि, गुमलाशहर के एक निजी क्लिनिक व जांच केंद्र की लापरवाही से साढ़े पांच वर्षीयपंकज किंडो की स्थिति खराब हो गयी है. इंजेक्शन पड़ने के बाद उसका कमर व हाथ […]
