बेटे की हत्या का आरोप, महिला ने अदालत की शरण ली

प्रतिनिधि, गुमला. भारतीय सेना में शहीद मिलयानुस कुजूर की बेवा चैनपुर प्रखंड की फ्लोरा टोप्पो अपने बेटे के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए दर- दर की ठोकरे खा रही है. गुमला थाना में जब प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई, तो उन्होंने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में केस किया है. जिसमें उसने अपने दामाद चेटर […]

प्रतिनिधि, गुमला. भारतीय सेना में शहीद मिलयानुस कुजूर की बेवा चैनपुर प्रखंड की फ्लोरा टोप्पो अपने बेटे के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए दर- दर की ठोकरे खा रही है. गुमला थाना में जब प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई, तो उन्होंने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में केस किया है. जिसमें उसने अपने दामाद चेटर निवासी अविनाश खेस व डुमरी खेतली के दीप एक्का को आरोपी बनाया है. उसने इन दोनों पर अपने बेटे नाइजल कुजूर की हत्या करने का आरोप लगाया है. दर्ज केस में कहा है कि इन दोनों आरोपियों ने नाईजल की हत्या कर उसे एक्सीडेंट का रूप दे दिया है. घटना 27 जनवरी 2015 की है. मार्च महीने में जब उसे पता चला कि उसके बेटे का एक्सीडेंट से नहीं. बल्कि उसकी हत्या की गयी, तो वह गुमला थाना गयी थी. लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुआ. उसने गुमला एसपी से शिकायत की. एसपी ने भी एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा. लेकिन थाना प्रभारी ने एसपी की भी बात नहीं माना. फ्लोरा ने कहा है कि उसने अपनी बेटी इलिस अंजु कुजूर की शादी चेटर निवासी अविनाश खेस से की. लेकिन शादी के बाद से दहेज के लिए अविनाश अंजु को प्रताडि़त करने लगा. इसकी जानकारी जब नाइजल कुजूर को हुआ तो वह इसका विरोध करने लगा. जिससे अविनाश नाराज हो गया. अविनाश ने कई बार नाइजल को मारने का प्रयास किया. अंत में 27 जनवरी को अविनाश व उसका दोस्त दीप एक्का उसे रातभर इधर उधर घुमाया और फिर सिसई रोड में उसकी हत्या कर दी. लेकिन पुलिस ने उसे एक्सीडेंट का रूप दिया है. फ्लोरा ने न्याय की गुहार लगायी है.

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