बसिया. प्रखंड के अति सुदूरवर्ती एवं नक्सल प्रभावित गांव कुरलगा के ग्रामीण पेयजल के लिए काफी परेशान है. 95 घरों की कुल 600 आबादीवाले गांव में कुल सात चापानल है. जिसमें एक चापानल चालू है. वहीं गांव के कुआं का जलस्तर सूख गया है. जिसके कारण ग्रामीण डांड़ी व तालाब का गंदा पानी पीने को विवश हैं. आंगनबाड़ी सेविका रामसबोरी देवी ने कहा कि दांडी का पानी पीने से अक्सर बच्चे बीमार हो रहे हंै. चापानल मरम्मत के लिए पीएचइडी विभाग को सूचना देने के बाद भी पहल नहीं की गयी है. संजय प्रसाद, विकास साहू, शांति देवी व तपेश्वर साहू ने कहा कि पीएचइडी द्वारा पूरे प्रखंड में चापनल मरम्मत के लिए वाहन दौरा कर रहा है. लेकिन कुरलगा एक ऐसा गांव है. जहां अभी तक पीएचइडी का वाहन नहीं पहुंच सका है. ग्रामीणों ने पीएचइडी विभाग से शीघ्र चापानल मरम्मत की मांग की है.
कुरलगा में पानी का भारी संकट
बसिया. प्रखंड के अति सुदूरवर्ती एवं नक्सल प्रभावित गांव कुरलगा के ग्रामीण पेयजल के लिए काफी परेशान है. 95 घरों की कुल 600 आबादीवाले गांव में कुल सात चापानल है. जिसमें एक चापानल चालू है. वहीं गांव के कुआं का जलस्तर सूख गया है. जिसके कारण ग्रामीण डांड़ी व तालाब का गंदा पानी पीने को […]
