ऑपरेशन कारो थमा, पीएलएफआइ सक्रिय

गुमला : गुमला जिले के बसिया व कामडारा प्रखंड में ऑपरेशन कारो बंद कर दिया गया है. ऑपरेशन बंद होते ही इन दोनों क्षेत्रों में पीएलएफआई सक्रिय हो गया है. हार्डकोर उग्रवादी गुजू गोप व बादल गोप का दस्ता सबसे ज्यादा सक्रिय है. कुछ इलाकों को इन उग्रवादियों ने सेफ जोन बना लिया है. अभी […]

गुमला : गुमला जिले के बसिया व कामडारा प्रखंड में ऑपरेशन कारो बंद कर दिया गया है. ऑपरेशन बंद होते ही इन दोनों क्षेत्रों में पीएलएफआई सक्रिय हो गया है. हार्डकोर उग्रवादी गुजू गोप व बादल गोप का दस्ता सबसे ज्यादा सक्रिय है.
कुछ इलाकों को इन उग्रवादियों ने सेफ जोन बना लिया है. अभी एक सप्ताह पहले ही पीएलएफआई दो युवकों पर हमला कर चुके हैं. बसिया में भी पोस्टर साटे थे. इससे साफ है कि इस क्षेत्र में उग्रवादियों के मंसूबे ठीक नहीं है. क्योंकि इस क्षेत्र में जब भी पीएलएफआइ सक्रिय हुआ है. किसी बड़ी घटना को जरूर अंजाम दिया है. हालांकि ऑपरेशन कारो जबतक चला. पीएलएफआई दूसरे क्षेत्र में छिपे रहे. लेकिन अभियान थमने के बाद फिर ये लोग घुस आये हैं. इसकी जानकारी पुलिस को है. लेकिन तेज गरमी के कारण अभियान नहीं चल रहा है. इधर बसिया व कामडारा के कुछ लोग पीएलएफआइ के निशाने पर हैं. भाजपा नेता सह तेली समाज के पूर्व जिला उपाध्यक्ष उदासन नाग को पीएलएफआई टारगेट में रखे हुए है.
श्री नाग ने बताया कि कई बार पीएलएफआइ के लोग हमला कर चुके हैं. लेकिन मैं हर समय उग्रवादियों से लड़कर बचता रहा है. परंतु अभी कुछ दिनों से भारी संख्या में उग्रवादी इस इलाके में घुसे हैं. इसलिए मन में थोड़ा भय है. उन्होंने यह भी कहा कि मैंने खुद की सुरक्षा के लिए हथियार का लाइसेंस मांगा है. आवेदन भी दिया है. लेकिन अभी तक लाइसेंस नहीं मिला है. यहां बता दें कि कुछ माह पहले पीएलएफआइ सात ग्रामीणों की हत्या कर चुके हैं.
उस समय मुख्य सचिव सजल चक्रवती थे. वे बसिया पहुंचकर सुरक्षा व हथियार का लाइसेंस देने की बात किये थे. लेकिन अभी भी ग्राम रक्षा दल, शांति सेना व नक्सलियों के निशाने पर रहने वाले ठेकेदार, सामाजिक कार्यकर्ताओं को हथियार का लाइसेंस नहीं मिल रहा है. राम साहू भी निशाने पर है. उसने भी लाइसेंस के लिए आवेदन दिया है. पर लाइसेंस नहीं मिला है.

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