5 गुम 33 में कार्यक्रम में स्पीकर व अन्य.बसिया. प्रखंड के निर्मल उवि ममरला व लुंगटू पंचायत में मंगलवार को सरहुल समारोह का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि स्पीकर दिनेश उरांव ने कहा कि सरहुल का पर्व आदिवासियों की संस्कृति व सभ्यता का द्योतक है. इसमें प्रकृति की पूजा होती है. इसलिए हमें प्रकृति से किसी तरह का छेड़छाड़ नहीं करना चाहिए. क्षेत्र के विकास प्रति जो समरसता बननी चाहिए. उससे ज्यादा क्षेत्र के विकास का कार्य होगा. विकास के पैमाने में किसी भी जाति, धर्म या समुदाय से कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा. क्षेत्र के विकास के लिए कहीं अगर कोई कमी है, तो सीधा मुझसे संपर्क करें. मैं हमेशा तत्पर रहूंगा. शिक्षा के क्षेत्र में श्री उरांव ने सभी प्रकार के सहयोग करने का आश्वासन दिया. साथ ही अल्पसंख्यक विद्यालय की वेतन विसंगतियों को दूर करने का आश्वासन दिया. इससे पूर्व स्पीकर का स्वागत पारंपरिक रूप से किया गया. साथ ही आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को झूमने पर विवश कर दिया. कार्यक्रम का संचालन त्योफिल खलखो व धन्यवाद दोरथिया सोरेंग ने किया. मौके पर एचएम मतियस टोप्पो, प्रमुख ओरयानी बाड़ा, अरुण मिश्रा, जयराम ओहदार, अंजनी मिश्रा सहित सैंकड़ों सरना धर्मावलंबी उपस्थित थे.
:6:::: सरहुल आदिवासियों की प्राचीन धरोहर है : स्पीकर
5 गुम 33 में कार्यक्रम में स्पीकर व अन्य.बसिया. प्रखंड के निर्मल उवि ममरला व लुंगटू पंचायत में मंगलवार को सरहुल समारोह का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि स्पीकर दिनेश उरांव ने कहा कि सरहुल का पर्व आदिवासियों की संस्कृति व सभ्यता का द्योतक है. इसमें प्रकृति की पूजा होती है. इसलिए हमें प्रकृति से […]
