उग्रवादी हिंसा की पीड़िता ने नौकरी की लगायी गुहार

गुमला : उग्रवादी हिंसा में पुत्र को गंवाने के बाद पीड़ित मां रशन टोपनो मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर पिछले दो सालों से सरकारी अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश है. रशन कामडारा थाना क्षेत्र के ग्राम हाफु आंवराटोली की रहने वाली है. 16 जून 2017 को रशन के पुत्र लोवन […]

गुमला : उग्रवादी हिंसा में पुत्र को गंवाने के बाद पीड़ित मां रशन टोपनो मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर पिछले दो सालों से सरकारी अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश है. रशन कामडारा थाना क्षेत्र के ग्राम हाफु आंवराटोली की रहने वाली है. 16 जून 2017 को रशन के पुत्र लोवन टोपनो की उग्रवादियों ने अपहरण कर तुरबुल जंगल में ले जाकर हत्या कर दी थी.

उस समय लोवन आइटीआइ कर रहा था. रशन ने बताया कि उसका पुत्र लोवल पढ़ने-लिखने में काफी तेज था. पुत्र की हत्या के बाद मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर दो सालों से प्रखंड से लेकर जिला तक सरकारी अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगा रही है, परंतु उसकी फरियाद नहीं सुनी जा रही है.
इधर, मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर मंगलवार को रशन ने गुमला उपायुक्त को आवेदन देकर गुहार लगायी है. वहीं एक अन्य मामले में बसिया के बनई चेरोटोली के स्वर्गीय तीजा गोप की पत्नी रंजीता देवी ने स्वर्गीय पति के बड़े भाई मंगरा गोप को अनुकंपा पर नौकरी देने की मांग को लेकर उपायुक्त को आवेदन दिया है. रंजीता ने बताया कि तीन नवंबर 2014 को पीएलएफआइ के उग्रवादियों ने उसके पति की हत्या कर दी थी.
पति की हत्या के बाद मुआवजा के रूप में एक लाख रुपये मिला है, परंतु अब तक नौकरी नहीं मिली है. रंजीता ने बताया कि वह हमेशा बीमार रहती है. सात वर्षीय पुत्र राज गोप मंदबुद्धि है. रंजीता ने बताया कि उसका जेठ मंगरा गोप घर-परिवार के साथ उन लोगों की भी देखरेख करने को तैयार है.

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