गुमला : जिले के स्वास्थ्य विभाग एवं समाज कल्याण विभाग से संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक सोमवार को विकास भवन सभागार में हुई. अध्यक्षता उपायुक्त शशि रंजन ने की. बैठक में उपायुक्त ने संस्थागत प्रसव, एएनसी निबंधन, टीकाकरण, एमआर टीकाकरण, परिवार नियोजन, कुपोषण उपचार, टीबी मरीजों के उपचार व आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन आदि की समीक्षा की.
समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की पंजी का संधारण ठीक तरीके से नहीं हो रहा है. पंजी संधारण में सुधार की जरूरत है. प्रखंड के बाल विकास पदाधिकारी भी क्षेत्र का भ्रमण नहीं कर रहे हैं. बाल विकास पदाधिकारी नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें.
इस बात का ध्यान रखें कि केंद्र में कैंप अप एरिया से कोई भी गर्भवती महिला या बच्चा न छूटे. यदि ऐसा होता है तो जिम्मेवारी बाल विकास पदाधिकारी की होगी. उपायुक्त ने कहा कि एएनसी के बारे में लोगों को विशेष तौर पर जानकारी देकर जागरूक करें. वहीं महिला पर्यवेक्षिकाओं की कार्य प्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए उपायुक्त ने कहा कि केंद्र में ठीक ढंग से काम हो, इसकी जिम्मेवारी पर्यवेक्षिकाओं की है.
अपनी जिम्मेवारी को समझें और ईमानदारी से काम करें. नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें. उपायुक्त ने बाल विकास पदाधिकारियों से कहा कि नियमित रूप से प्रत्येक माह अपने-अपने प्रखंड में बैठक कर समीक्षा करें. वहीं कन्यादान योजना, लक्ष्मी लाडली योजना, मातृवंदना योजना की महज 50 प्रतिशत उपलब्धि पर उपायुक्त ने नाराजगी जतायी और शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया. बैठक में सीएस डॉक्टर सुखदेव भगत, डीएसडब्ल्यूओ अंजना दास सहित विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, बाल विकास पदाधिकारी व अन्य उपस्थित थे.
