गुमला : झारखंड सरकार के खाद्य आपूर्ति उपभोक्ता मामलों के मंत्री सरयू राय ने मंगलवार को गुमला के विकास भवन में बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के साथ बैठक की. बैठक में मंत्री ने कहा कि समिति का उद्देश्य जिला स्तर के सभी विभाग, जनप्रतिनिधियों व सदस्यों से समन्वय बना कर सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारना है.
प्रायः बैठकों में शिकायतें ही ज्यादा आती हैं. हमें आपसी खींचतान की बजाय गड़बड़ी, शिकायत अथवा समस्या किस स्तर पर है, उसके निदान पर ध्यान देते हुए योजना की गुणवत्ता पर फोकस व निगरानी करने की जरूरत है. मंत्री ने कहा कि अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें. वहीं योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि प्राय: ऐसा होता है कि योजना की स्थिति व खर्च का प्रतिवेदन दिया जाता है, परंतु अब ऐसे प्रतिवेदनों से काम नहीं चलेगा.
योजना से लाभान्वितों की संख्या, कितनों की आय में वृद्धि हुई और कितनों की जिंदगी में बदलाव आया है, इस पर फोकस करते हुए प्रतिवेदन दें. ऐसा ना करें कि केवल कागज पर ही कार्य हो रहा है. शहरी व ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को स्थानीय निकायों को हस्तांतरण के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि जो अब तक हस्तांतरण नहीं हो पाया है, उसका संचालन पीएचइडी को करने संबंधी आदेश राज्य स्तर से पारित हो चुका है. संचालन खर्च नगर विकास विभाग पीएचइडी को देगा.
राशन डीलरों पर लगे आरोप एवं जांच प्रतिवेदन में पुष्टि के मामले पर मंत्री ने राशन डीलर के लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई पूर्ण करने का निर्देश दिया. कहा कि इस तरह की शिकायतें आती रहती हैं. ग्राम स्तर पर निगरानी समिति बनायें और निर्धारित तिथि पर राशन का वितरण करायें. कस्तूरबा स्कूलों के अधूरे भवन के मामले में उपायुक्त को हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान निकालने को कहा. इसके अलावा मंत्री ने अन्य विभागों के कार्यों की भी समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिया.
बैठक में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर दिनेश उरांव, सिमडेगा विधायक विमला प्रधान, उपायुक्त शशि रंजन, बीस सूत्री उपाध्यक्ष साहू, जिला परिषद अध्यक्ष किरणमाला बाड़ा, उपविकास आयुक्त नागेंद्र कुमार सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.
