गुमला : पालकोट प्रखंड के पत्रकार महीपाल सिंह के साथ थाने के एसआइ आरएस प्रसाद ने अभद्र व्यवहार किया. इससे आक्रोशित पत्रकारों ने रविवार को पांच घंटे तक थाना के समीप धरना दिया. गुमला पुलिस द्वारा तत्काल किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने से मामला बढ़ता जा रहा था. अंत में रांची जोन के डीआइजी वी होमकर की पहल पर एसपी अंशुमान कुमार धरना स्थल पर पहुंचे.
वहीं पत्रकार के साथ हुए अभद्र व्यवहार की सूचना पर डीसी श्रवण साय भी पालकोट पहुंचे. शुरू में पत्रकार संघ ने निर्णय लिया कि दोषी पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो. लेकिन एएसआइ ने पत्रकार, डीसी व एसपी के समक्ष अपनी गलती स्वीकार कर ली. एएसआइ की गलती स्वीकारने के बाद पत्रकार संघ ने दरियादिली दिखाते पर विभागीय कार्रवाई नहीं करने को कहा. इसके बाद आपसी सुलह से मामला को सलटाया गया. मौके पर पालकोट के जिप सदस्य मनोज कुमार, खूंटी के सांसद प्रतिनिधि सैबू साहू, लोहरदगा संसदीय क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि भोला चौधरी, पत्रकार दुर्जय पासवान, रमेश कुमार पांडे, उपेश पांडे, शशिभूषण गुड्डू, सुशील कुमार सिंह, अश्विनी दास, अफताब अंजुम, भोला चौधरी, जॉली विश्वकर्मा, सुरेश साहू, मुनेश्वर साहू, गौतम कुमार साहू, प्रवेश कुमार मिश्र, प्रेम सिंह, अजीत कुमार साहू, अजीत कुमार सोनी, मुकेश कुमार सोनी, आरिफ हुसैन अख्तर, प्रवीण विक्की, संजय कुमार सिन्हा, बसंत कुमार, संतोष कुमार, नीरज कुमार, अब्दुल शब्बीर, मोहम्मद तसलीम खान, सुनील रवि, गौतम उरांव, उज्जवल कुमार प्रसाद, खुर्शीद आलम, महीपाल सिंह, शतन पांडेय, रुपेश कुमार गुप्ता, किशन कुमार, विकास कुमार राहुल, राहुल कश्यप, अमित केसरी, देवगन सोनी, श्रीकांत, दुर्गा महतो, रविशंकर त्रिपाठी, विकास साहू सहित कई लोग मौजूद थे.
मामला : शनिवार को डहूडाड़ गांव के समीप बाइक सवार एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हो गये थे. घायलों को पत्रकार महीपाल सिंह ने टेंपो में बैठाकर पालकोट अस्पताल पहुंचाया. पहले से अस्पताल में एएसआई आरएस प्रसाद थे. घायल को टेंपो से उतारकर अस्पताल के अंदर ले जाने के दौरान पुलिस पदाधिकारी घटना की जानकारी लेने लगे. पत्रकार ने कहा कि पहले घायल का इलाज कराने दें. इसके बाद पूछताछ कीजियेगा. इसी बात को लेकर मामला बढ़ गया और पुलिस पदाधिकारी ने पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार किया. इधर, घायल विश्रम राम को पालकोट से गुमला लाने में देर हो गयी. जिससे उसकी मौत हो गयी. इसके बाद गुमला जिले के पत्रकार आक्रोशित हो उठे और रविवार को धरना दिये.
