गुमला : जरूरत 20 मेगावाट की मिल रही है सात मेगावाट

गुमला : जिले में बिजली की जरूरत 20 मेगावाट की है, लेकिन मात्र सात मेगावाट ही आपूर्ति की जा रही है. कभी-कभी तो दो से तीन मेगावाट ही बिजली मिलती है. हालत किस कदर दयनीय है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 24 घंटे में मात्र आठ से नौ घंटे ही बिजली […]

गुमला : जिले में बिजली की जरूरत 20 मेगावाट की है, लेकिन मात्र सात मेगावाट ही आपूर्ति की जा रही है. कभी-कभी तो दो से तीन मेगावाट ही बिजली मिलती है. हालत किस कदर दयनीय है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 24 घंटे में मात्र आठ से नौ घंटे ही बिजली मिलती है.
सबसे ज्यादा परेशानी रात में होती है. बमुश्किल तीन घंटे बिजली मिलने के कारण बच्चे-बड़े सभी परेशान हैं. गर्मी के कारण रात में बिना पंखा व कूलर के लोगों को नींद नहीं आती है. वहीं बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है. दूसरी तरफ दिन में बिजली नहीं रहने से इलेक्ट्रॉनिक्स व इलेक्ट्रिकल दुकानों में सन्नाटा पसरा है. सबसे ज्यादा परेशानी प्रखंड के लोगों को हो रही है.
शहर में आठ से नौ घंटे बिजली देने के चक्कर में कई प्रखंडों में आपूर्ति बंद कर दी जाती है. चैनपुर, डुमरी, रायडीह, जारी प्रखंड को सबसे कम बिजली मिल रही है, जबकि ये प्रखंड गुमला विधानसभा के अंतर्गत आता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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