गुमला : बसिया प्रखंड के लोटवा गांव की सबसे वृद्ध महिला सोमारी देवी का गुरुवार को निधन हो गया. वह 95 वर्ष की थी. सोमारी की मौत ने प्रशासन व सरकार की व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है. सोमारी एक महीने से बीमार थी. गरीबी के कारण इलाज नहीं हो सका. किसी ने मदद भी नहीं की. सोमारी को न तो वृद्धावस्था पेंशन मिलती था, न ही उसे प्रधानमंत्री आवास मिला था.
सोमारी ने जीते जी पेंशन व पीएम आवास की मांग की थी. इसके लिए उसने मुख्यमंत्री रघुवर दास को पत्र भी लिखा था. सीएम जनसंवाद में शिकायत कर अपनी दुर्दशा भी बयां की थी, ताकि पेंशन व पीएम आवास का लाभ लेकर वह कुछ दिन चैन से जी सके, लेकिन सरकार व प्रशासन ने सोमारी की इन दोनों मांगों पर ध्यान नहीं दिया. जबकि सोमारी की पहल पर लोटवा गांव के सभी घरों में शौचालय बन रहा है, लेकिन अपने संघर्ष में सोमारी जिंदगी की जंग हार गयी. सोमारी की मौत से पूरा गांव दुखी है. समाज सेवी पंकज कुमार ने कहा कि सोमारी गरीबी में जी रही थी. उसे पांच माह से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही थी. पेंशन के इंतजार में निधन हो गया.
शिकायत के बाद भी सोया रहा प्रशासन
बसिया प्रखंड की पंथा पंचायत में लोटवा गांव है. गरीबी इस गांव की पहचान है. इस गांव में सभी घर खपरैल है. प्रधानमंत्री आवास योजना आज भी सपना है. गांव के लोगों ने कई बार सरकार व प्रशासन को आवेदन दिया, परंतु किसी का पक्का घर नहीं बना. इस गांव की सोमारी देवी (अब स्वर्गीय) की उम्र 95 साल थी. सोमारी आस लगाये बैठी थी कि मरने से पहले पक्का घर बन जाये. सोमारी ने अपने गांव की दुर्दशा की जानकारी दिल्ली में रह रहे समाज सेवी पंकज को दी. लोटवा गांव में पीएम आवास नहीं बनने की शिकायत पर समाज सेवी पंकज कुमार ने मुख्यमंत्री जनसंवाद में 15 दिन पहले शिकायत की थी. श्री कुमार ने लोटवा गांव की स्थिति से सीएम जनसंवाद में अवगत कराते हुए पीएम आवास योजना के तहत घर बनवाने की मांग की थी. लेकिन अभी तक प्रशासन व सरकार द्वारा किसी प्रकार की पहल नहीं की गयी. श्री कुमार ने जनसंवाद में कहा था कि लोटवा उपेक्षित गांव है. यहां रहने वाले लोगों के पास इतना पैसा नहीं है कि वे पक्का मकान बना सके, इसलिए गांव के लोगों को अब सरकार की योजना पीएम आवास से काफी उम्मीदें हैं.
