अनुष्ठान. संत पात्रिक महागिरजाघर में पास्का पर्व पर रात्रि जागरण मिस्सा, िबशप ने कहा
पास्का रात्रि जागरण मिस्सा का आयोजन
गुमला : गुमला के संत पात्रिक महागिरजाघर में पास्का पर्व पर रात्रि जागरण मिस्सा का आयोजन किया गया. मुख्य अधिष्ठाता गुमला धर्मप्रांत के बिशप पौल लकड़ा थे, जबकि सहयोगी के रूप में विकर जनरल फादर सीप्रियन कुल्लू व फादर रविभूषण खेस थे. मौके पर पहला पाठ इरेनियुस मिंज व सेत कुमार एक्का ने किया.
दूसरा पाठ रोहित किंडो, नीलम प्रकाश लकड़ा, भिंसेंट मिंज, तीसरा पाठ गब्रियल किंडो व त्योफिल खलखो ने किया. ज्योति गुणगान फादर पौल केरकेट्टा ने किया. रात्रि मिस्सा में अपने संदेश में बिशप पौल लकड़ा ने कहा कि ईश्वर के प्रिय पुत्र प्रभु यीशु क्रूस पर चढ़ाये गये. इसके बाद वे पुन: जी उठे, तब से मसीही विश्वासी पास्का पर्व मनाते आ रहे हैं. हम सभी पास्का पर्व के महत्व को समझें. हम ईश्वर की आराधना करें, उनके बताये मार्ग पर चलें, अच्छा काम करें, बुराई से दूर रहें व समाज को सुंदर बनाने में अपनी भूमिका निभायें.
आज हम संकल्प लें कि समाज को एकसूत्र में बांध कर चलेंगे. समाज में जो बुराई है, उसे जड़ से खत्म करेंगे. एक सुंदर समाज की स्थापना करें. माता-पिता अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, जिससे वे आगे बढ़ सकें. प्रभु यीशु आज भी हर ख्रीस्त के दिल में हैं. प्रभु प्रेम, सेवा व सत्य के रूप में मौजूद हैं. हम प्रभु के वचनों का पालन करें. बिशप ने कहा कि प्रभु यीशु का मरना, फिर जी उठना, एक महान परिवर्तन है. समाज के विकास, मानव के उद्धार, जीव-जंतुओं के जीवन, पेड़-पौधे में फल व फूल लगना यह ईश्वर की आशीष है.
जिसे हम सब ग्रहण करें. हम ईश्वर के प्रेम, सेवा व सत्य को समझें. उनके बताये मार्ग पर चलें. धर्मशास्त्र के अनुसार, यदि हम ईशा मसीह के साथ मर गये, तो उसके साथ ही जीवित भी होंगे. मरने के बाद वे जीवित हुए. मौके पर कोयर दल ने गीत व भजन प्रस्तुत किया. इधर, रविवार की सुबह को भी महागिरजाघर के अलावा गुमला धर्मप्रांत की सभी 38 पल्लियों में पास्का अर्थात ईस्टर पर्व पर धार्मिक अनुष्ठान होगा. इसकी पूरी तैयारी हो गयी है.
