गुमला: पालकोट प्रखंड के पोजेंगा गांव निवासी ललित कुमार साहू उर्फ सोनू साहू जुलाई महीने में जल चढ़ाने देवघर बाबाधाम गया था. लेकिन पुलिस ने उसे झूठे केस में फंसाते हुए आर्म्स एक्ट का आरोपी बना दिया. हालांकि अभी ललित पुलिस की गिरफ्त से दूर है. लेकिन केस होने के बाद वह डरा हुआ है.
पुलिस पर यह आरोप ललित के पिता परशुराम साहू ने लगाया है. इस संबंध में परशुराम ने मुख्य सचिव, डीसी, एसपी, जनसंवाद के नोडल पदाधिकारी व थानेदार को ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में परशुराम साहू ने कहा है कि उसका बेटा ललित 25 जुलाई 2017 से 29 जुलाई 2017 तक बाबाधाम देवघर में था. वह देवघर पूजा पाठ करने गया था, लेकिन पालकोट थाना की पुलिस ने ललित को आर्म्स एक्ट का आरोपी बना कर केस दर्ज कर लिया है.
श्री साहू ने कहा कि जब ललित पालकोट में था ही नहीं, तो फिर केस क्यों किया गया. उन्होंने डीसी व एसपी से गुहार लगाते हुए कहा है कि जिस तिथि को ललित देवघर से आ रहा था, जसीडीह रेलवे स्टेशन में उस दिन का सीसीटीवी कैमरा को देख कर जांच करायी जा सकती है.
ललित पीएलएफआई का सहयोगी है : पुलिस
इधर, पालकोट थाना की पुलिस ने कहा है कि ललित पीएलएफआइ के सब जोनल कमांडर कुंवर गोप (जो अभी जेल में है) का सहयोगी है. जिस समय पुलिस ने कुंवर को पकड़ने के लिए छापामारी अभियान चलाया था, उस समय ललित भी दस्ते के साथ था. लेकिन वे लोग भाग गये थे और पुलिस को हथियार मिला था. थाना प्रभारी राजेंद्र रजक ने बताया कि कुंवर गोप जब पुलिस के हाथ लगा, तो उसने ललित का नाम लिया था. ललित पुलिस के खिलाफ काम करते हुए पुलिस की पूरी सूचनाएं पीएलएफआइ तक पहुंचाता है. मुख्यमंत्री जनसंवाद में शिकायत के बाद पुलिस विभाग ने ललित के खिलाफ अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है. जिसमें स्पष्ट किया गया है कि ललित पीएलएफआइ का सहयोगी है और उसके लिए मुखबिरी का काम करता है. थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस किस रूट में कहां जा रही है, इसकी जानकारी ललित फोन के माध्यम से उग्रवादियों तक पहुंचाता है. अभी वह फरार है. पुलिस उसे पकड़ने के लिए खोज रही है.
