पानी के लिए भटक रहे ग्रामीण, महिलाओं को परेशानी

गांव में करीब 70 घरों में लगभग 400 की आबादी रहती है, जो मात्र एक जलमीनार पर निर्भर है.

आठ माह से खराब जलमीनार, समदा गांव में गहराया पेयजल संकट प्रतिनिधि, ठाकुरगंगटी प्रखंड क्षेत्र की फुलबड़िया पंचायत अंतर्गत आदिवासी बहुल गांव समदा में इन दिनों पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है. गांव के लोग पीने के पानी के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं. यह गांव ठाकुरगंगटी के पश्चिमी दिशा में स्थित है, जहां मुख्य रूप से आदिवासी समाज के लोग निवास करते हैं. गांव में करीब 70 घरों में लगभग 400 की आबादी रहती है, जो मात्र एक जलमीनार पर निर्भर है. लेकिन विगत आठ माह से जलमीनार खराब पड़ा हुआ है और सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग के जेइ को कई बार सूचना देने के बावजूद अब तक कोई पहल नहीं की गई है. इसके कारण गांव के लोगों को पेयजल के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीण प्रेम हांसदा, सोनेलाल हांसदा, बैजल टुडू, सोहन टुडू और कालिदास हेंब्रम ने बताया कि गांव में पेयजल की घोर किल्लत है. लोगों को लंबी दूरी तय कर दूसरे स्थानों से पानी लाना पड़ रहा है. सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को हो रही है, जिन्हें सुबह से शाम तक पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है. ग्रामीणों ने कहा कि यदि खराब पड़े जलमीनार की मरम्मत करा दी जाए तो गांव की बड़ी आबादी को राहत मिल सकती है. भीषण गर्मी में पेयजल संकट और भी भयावह हो गया है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शीघ्र समस्या के समाधान की मांग की है. वहीं विभागीय उदासीनता के कारण पूरे क्षेत्र में पेयजल संकट बना हुआ है.

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By Prabhat khabar news desk

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