गर्मियों के शुरुआती दौर में जलमीनार और चापाकल की खराबी से हो रही परेशानी

फुलबडिया पंचायत में पेयजल संकट से ग्रामीण परेशान

भीषण गर्मी के आगमन के साथ फुलबडिया पंचायत के ग्रामीणों को पेयजल की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. पंचायत के अंतर्गत कुल 10 गांव हैं, जिनकी आबादी लगभग 5 हजार बताई जा रही है. यहां 30 से अधिक चापाकल और 15 जलमीनार खराब पड़े हैं. ग्रामीणों ने बताया कि फुलबडिया और समदा गांव में लगे जलमीनार केवल शोभा के लिए खड़े हैं और पानी की कोई उपलब्धता नहीं है. लोग मजबूरी में पानी खरीदने को मजबूर हैं. ग्रामीण जीतराम हांसदा, शास्त्री टुडू, जयचंद मरांडी, जेठा किस्कू और बाबूधन किस्कू ने बताया कि विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. ग्रामीणों ने बताया कि सरकार की ओर से पेयजल सुधार के लिए कई योजनाएं संचालित की जाती हैं, लेकिन अधिकांश योजनाओं का निर्माण कार्य अधूरा रह जाता है या घटिया सामग्री का उपयोग कर खानापूर्ति कर दी जाती है. उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य की उचित जांच नहीं की जाने से समस्या बनी रहती है. ग्रामीणों ने वर्तमान विधायक और मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से पेयजल संकट को दूर करने की मांग की है. पंचायत के मुखिया सालोमी मुर्मू ने बताया कि जल्द ही मरम्मती का कार्य कराया जाएगा.

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By SANJEET KUMAR

SANJEET KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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