तालाब किनारे है विद्यालय, नहीं है चहारदीवारी, बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
उप्रावि मंसूरी टोला लौगांय में शौचालय, पेयजल और पर्याप्त शिक्षक तक नहीं, अभिभावक चिंतित
महागामा प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मंसूरी टोला, लौगांय की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है. विद्यालय तालाब किनारे स्थित है लेकिन अब तक चहारदीवारी का निर्माण नहीं हो पाया, जिससे बच्चों के डूबने का खतरा हर समय बना रहता है. विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका अंजुम आरा ने बताया कि विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक कुल 100 बच्चे नामांकित हैं. विद्यालय से सटा तालाब और संकीर्ण पगडंडी नुमा रास्ता, खासकर बरसात में गंभीर जोखिम पैदा कर देता है. तालाब के बिल्कुल करीब स्कूल होने के कारण बच्चों पर निगरानी रखना मुश्किल हो जाता है, वहीं अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. छात्रों ने बताया कि विद्यालय में शौचालय, पीने का पानी और हैंड वॉश जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं.
एक शिक्षिका के भरोसे 100 बच्चों की पढ़ाई
विद्यालय में वर्षों से मात्र एक शिक्षिका ही कार्यरत हैं, जो सौ बच्चों को पढ़ाने के साथ ही देखरेख, सुरक्षा और अन्य कार्यों का भार भी संभाल रही हैं. इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. विद्यालय में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे बच्चों को खाना खाने के बाद प्यास बुझाने के लिए बाहर से पानी लाना पड़ता है. स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालय में शीघ्र चहारदीवारी, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था कराई जाए ताकि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा का स्तर दोनों सुनिश्चित हो सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
