गोड्डा जिले के ठाकुरगंगटी प्रखंड के संजीवनी आजीविका संसाधन केंद्र, धुनियाबांध में मोरडीहा आजीविका महिला संकुल स्तरीय प्राथमिक स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड के तत्वावधान में आइएफसी परियोजना के अंतर्गत आइएफसी समन्वयक, सीनियर सीआरपी तथा आजीविका कृषि सखियों के लिए दो दिवसीय गैर-आवासीय खरीफ फसल विषयक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण का संचालन प्लास के जेएसएलपीएस एफटीसी मोहम्मद शमीम अख्तर ने किया. उन्होंने प्रतिभागियों को आइएफसी परियोजना के उद्देश्य, किसानों की आय बढ़ाने में इसकी भूमिका तथा वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के महत्व की विस्तृत जानकारी दी. प्रशिक्षण के दौरान खरीफ मौसम की प्रमुख फसलों एवं सब्जियों की उन्नत खेती, खेत की तैयारी, उन्नत बीजों का चयन, बीज उपचार, पौध संरक्षण, सिंचाई प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य, पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा फसल संरक्षण की वैज्ञानिक तकनीकों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया. दूसरे दिन भिंडी, मिर्च, कद्दू, करेला, नेनुआ, झिंगली सहित अन्य लतरदार सब्जियों की उन्नत खेती, पौध एवं पोषण प्रबंधन तथा उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों पर विशेष चर्चा की गयी. इसके साथ ही पैच-वार खेती के माध्यम से सब्जी क्लस्टर विकास, समूह आधारित उत्पादन मॉडल तथा किसानों को बाजार से जोड़ने की रणनीतियों की भी जानकारी दी गयी. प्रशिक्षकों ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और अग्निअस्त्र सहित विभिन्न जैविक खाद एवं जैविक कीटनाशकों के निर्माण और उपयोग की विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया. उन्होंने बताया कि जैविक कृषि अपनाने से उत्पादन लागत में कमी आती है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है तथा सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन सुनिश्चित होता है. प्रशिक्षकों ने कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आइएफसी परियोजना से जुड़े कैडरों की तकनीकी क्षमता का विकास करना है, ताकि वे किसानों तक आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को प्रभावी ढंग से पहुंचाकर खरीफ फसलों एवं सब्जियों की उत्पादकता तथा किसानों की आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित कर सकें. प्रशिक्षण के सफल संचालन में एफटीसी शमीम अख्तर एवं एएसके समन्वयक आशीष कुमार आशीष का महत्वपूर्ण योगदान रहा. इस अवसर पर बीपीएम प्रेम प्रकाश, सीसी सुनील हरिजन, दिवाकर मंडल, बीएपी शंकर गुप्ता, आइएफसी समन्वयक सोनी देवी, सीनियर सीआरपी अरुणा देवी एवं सुलेखा देवी, बीआरपी (लाइवलीहुड) पुष्पा कुमारी, आजीविका कृषि सखी मंजू देवी, उषा देवी, खुशबू कुमारी, रीता देवी तथा बागवानी सखियां उपस्थित थीं. प्रशिक्षण के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार करने तथा वैज्ञानिक एवं टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया.
खरीफ फसलों की वैज्ञानिक खेती पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

प्रशिक्षण में उपस्थित प्रतिभागी. | Prabhat Khabar Network
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संजीवनी आजीविका संसाधन केंद्र, गोड्डा में खरीफ फसल पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कैडरों को आधुनिक कृषि तकनीकों से लैस करना है ताकि वे किसानों की आय बढ़ा सकें।