नावाडीह-मुकेरिचक मार्ग की जर्जर सड़क ग्रामीणों के लिए बनी परेशानी का कारण

छह किलोमीटर तक सड़क टूटी-फूटी, एंबुलेंस व वाहन चलाना भी हो गया मुश्किल

ठाकुरगंगटी प्रखंड क्षेत्र के पंजराडीह पंचायत अंतर्गत नावाडीह मुख्य मार्ग से मुकेरिचक गांव तक की सड़क वर्षों से जर्जर स्थिति में है. करीब छह किलोमीटर लंबी इस सड़क की हालत इतनी खराब है कि वाहन चालकों को यहां से गुजरने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. ग्रेड वन के बाद सड़क का पक्कीकरण आज तक नहीं हुआ है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. सड़कों पर नुकीले पत्थर उभर आये हैं और नावाडीह मोड़ से रत्नचक गांव तक की स्थिति सबसे खराब है. कुछ स्थानों पर सड़क का नामोनिशान तक मिट चुका है. यह मार्ग रत्नचक और दालंग होकर मुकेरिचक गांव को जोड़ता है, जो प्रखंड मुख्यालय के अंतिम छोर पर स्थित है. इस मार्ग से प्रतिदिन लगभग पांच हजार लोग आवागमन करते हैं. ग्रामीण सुनील टुडू, देवकुमार ठाकुर, शंभु सोरेन, पटवारी हांसदा, जीतू टुडू और भागवत सोरेन ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य पूर्व विधायक अशोक कुमार के कार्यकाल में केवल ग्रेड वन तक ही कराया गया था. पक्कीकरण नहीं होने के कारण ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने कहा कि सुदूरवर्ती क्षेत्र में रहने के कारण आवागमन कठिन है. यदि गांव में कोई बीमार पड़ जाये, तो एंबुलेंस भी खराब सड़क की वजह से नहीं पहुंच पाती. शाम के समय इस मार्ग से गुजरना खतरनाक हो जाता है. दो-पहिया वाहन चालक अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं और इलाज के लिए स्थानीय झोलाछाप डॉक्टरों पर निर्भर रहना पड़ता है. ग्रामीणों ने वर्तमान विधायक एवं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से मांग की है कि नावाडीह-मुकेरिचक मार्ग का पक्कीकरण कराया जाये, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन और गांव के विकास में राहत मिल सके.

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By SANJEET KUMAR

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