राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राजमहल हाउस, ऊर्जानगर में जन संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में महागामा के विभिन्न वर्गों के प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया. संगोष्ठी की शुरुआत आरएसएस के उत्तर-पूर्व क्षेत्र (बिहार-झारखंड) के क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख अनिल ठाकुर, विभाग प्रचारक बिगेंद्र कुमार, प्रांत सह सेवा प्रमुख निरंजन सिंह और सह खंड कार्यवाह महागामा नागेश्वर कुमार द्वारा भारत माता की तस्वीर पर पुष्प अर्पित और दीप प्रज्वलन कर की गयी. मुख्य वक्ता अनिल ठाकुर ने कहा कि हिंदू समाज का पुनर्जागरण संघ का मुख्य उद्देश्य रहा है. उन्होंने बताया कि संघ का लक्ष्य हिंदू समाज को संगठित करना है. अस्पृश्यता जैसे कई अंतर्निहित दोषों के कारण यह कार्य कठिन था. संघ शाखाओं और राष्ट्रव्यापी गतिविधियों के माध्यम से इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत है. उनका कहना था कि यह कार्य समाज में सामंजस्य और राष्ट्र की एकता लाने के लिए किया जा रहा है. अनिल ठाकुर ने बताया कि आने वाला वर्ष संघ कार्य के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित होगा. शताब्दी वर्ष का उद्देश्य केवल उपलब्धियों का उत्सव मनाना नहीं है, बल्कि आत्मचिंतन, समाज द्वारा प्राप्त समर्थन के लिए आभार व्यक्त करना और राष्ट्र व समाज को संगठित करने के लिए स्वयं को पुनः समर्पित करना है. सभी स्वयंसेवकों ने शताब्दी वर्ष में अधिक सावधानी, गुणवत्ता और व्यापकता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया.
हिंदू समाज के पुनर्जागरण और संघ कार्य के विस्तार पर जोर
आरएसएस के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर जन संगोष्ठी का आयोजन
