सोलर जलमीनार खराब होने से ग्रामीण परेशान

दूसरे के घर में लगा चापाकल व पेयजल कूप ही बना सहारा

मेहरमा प्रखंड के सौरीचकला पंचायत के डोमनचक गांव के मुख्य मार्ग में लगा सोलर जलमीनार करीब चार वर्ष से खराब पड़ा है. यह सोलर जलमीनार 15वें वित्त से करीब पांच वर्ष पूर्व लगभग तीन लाख की लागत से बना था. सोलर जलमीनार बनने से सड़क के किनारे बसे ग्रामीणों को ही नहीं, बल्कि आने-जाने राहगीर भी इस जलमीनार से पानी पीकर अपनी प्यास बुझाते थे. जलमीनार लगने के कारण ग्रामीणों को स्वच्छ पानी मिल पा रहा था. इससे ग्रामीणों में काफी खुशी थी. मगर कुछ ही महीनों बाद यह जलमीनार खराब जो जाने के कारण न सिर्फ ग्रामीणों को ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बल्कि आने-जाने वाले राहगीरों को भी दिक्कत होती है. बताते चलें कि इस गांव में प्रत्येक वर्ष गर्मी के समय पेयजल के लिए काफी परेशानी होती है. गांव में लगे चापाकल भी सूख जाते हैं. चापाकल सूखने के कारण ग्रामीणों को दूसरे के घर में लगा चापाकल व पेयजल कूप ही उनका सहारा है. सोलर जलमीनार लगने के कारण ग्रामीणों में काफी खुशी थी कि अब दूसरे के घर में जाकर पानी के लिए नहीं जाना पड़ेगा. मगर कुछ ही महीनों में जलमीनार खराब होने के कारण ग्रामीणों के चेहरे का मुस्कान छीन गया. अब ग्रामीणों के पेयजल मात्र डब्बे का पानी खरीदकर पीने के लिए रह गया. ग्रामीण महंगे दाम पर खरीदकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं. ग्रामीण मुन्ना उरांव, मुंशी उरांव, साहेबलाल हांसदा, बबलू हांसदा, रामजी उरांव, राजा उरांव, बासुकी हांसदा, संजय उरांव ने वरीय पदाधिकारी से सोलर जलमीनार ठीक कराने की मांग की है.

क्या कहती हैं मुखियासोलर जलमीनार को ठीक कराया गया था, मगर लेयर कम होने के कारण पुनः खराब हो गया. वरीय पदाधिकारी से ठीक कराने का निर्देश आने पर ठीक कराया जाएगा.

– प्रियंका देवी, मुखिया, सौरीचकला पंचायत.B

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SANJEET KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >