लीड : नाले की नहीं होती सफाई, पेयजल की है समस्या

शांतिनगर मुहल्ले में लगभग 300 की आबादी है, जहां दो वर्षों से नाला सफाई नहीं होने के कारण सड़क पर कूड़ा-कचरा फैला है.

बदहाली. महागामा नगर पंचायत के वार्ड संख्या तीन में मूलभूत सुविधाओं का अभाव

डस्टबीन नहीं रहने के कारण जहां-तहां फैला रहता है कचरा

जर्जर सड़क और स्ट्रीट लाइट का है अभाव, हादसे का डरप्रतिनिधि, महागामा

नगर निकाय चुनाव को लेकर महागामा नगर पंचायत क्षेत्र में प्रत्याशियों के बीच चुनाव चिह्न आवंटन के साथ ही चुनावी सरगर्मी बढ़ गयी है. आम लोग अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुखर हैं. शनिवार को प्रभात खबर की टीम ने वार्ड नंबर तीन का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया. जिला प्रशासन ने इस वार्ड को बीसी टू के लिए आरक्षित किया गया है. क्षेत्र के लोगों में चुनाव को लेकर उत्सुकता तो है, लेकिन उससे अधिक नाराजगी बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर देखने को मिली. नगर पंचायत के गठन को लगभग चार साल बीत चुके हैं, इसके बावजूद वार्ड की बड़ी आबादी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. वार्ड नंबर 3 अंतर्गत कन्या प्राथमिक विद्यालय महागामा के बगल स्थित मुहल्ले के राजीव यादव, अरविंद झा, प्रदीप यादव, राजेश केसरी, सत्यम कुमार भगत, बद्री केसरी, अभिषेक केसरी, अनीश केसरी व विकास भगत ने बताया कि नाला सफाई, पेयजल संकट, जर्जर सड़क और स्ट्रीट लाइट का अभाव प्रमुख समस्याएं हैं. मालूम हो कि वार्ड नंबर 3 में कुल 1580 मतदाता हैं, जिनमें 799 पुरुष और 781 महिला मतदाता शामिल हैं. निकाय चुनाव को लेकर यहां दो बूथ बनाये गये हैं. वार्ड में कुल सात मुहल्ले हैं. मतदाताओं ने बताया कि शांतिनगर मुहल्ले में लगभग 300 की आबादी है, जहां दो वर्षों से नाला सफाई नहीं होने के कारण सड़क पर कूड़ा-कचरा फैला है. कचरे से उठने वाली दुर्गंध के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है. गंदगी के बीच लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है. मुहल्ले में कई जगह कूड़े का ढेर लगा है. साफ-सफाई के अभाव में लोग संक्रमण के खतरे से जूझ रहे हैं. लोगों ने बताया कि मुहल्ले में नियमित रूप से झाड़ू नहीं लगती है. नगर पंचायत प्रशासन को ज्ञापन देने के एक महीना बीत जाने के बाद भी अब तक नाले की सफाई नहीं हुई है. डस्टबीन नहीं रहने के कारण लोग घर का कूड़ा खुले में फेंकने को मजबूर हैं. क्षेत्र में जलमीनार की भी व्यवस्था नहीं है.

क्या कहते हैं वार्डवासी

कुल मिलाकर वार्ड नंबर तीन के मतदाता निकाय चुनाव में ऐसे प्रतिनिधि की उम्मीद कर रहे हैं, जो उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझे और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाये.अभिषेक केसरी

मोहल्ले में कचरा वाहन नहीं आते हैं. न ही नगर पंचायत कर्मी कभी झाड़ू ही लगाते हैं. फाॅगिंग नहीं होने से मोहल्ले के लोग मच्छरों का प्रकोप झेल रहे हैं. जल्द समस्या का समाधान हो.

राजीव यादव

मोहल्ले में पेयजल समस्या की विकट स्थिति है. जलमीनार नहीं रहने के कारण लोग निजी संसाधनों पर आश्रित हैं. पानी टैंकर भी मोहल्ले में नहीं आता है. सकारात्मक पहल होनी चाहिए.

अनीश केसरी

मोहल्ले में स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है. शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है. मोहल्ले की सड़क जर्जर है. मोहल्ले के लोग मूलभूत सुविधा से वंचित हैं. समयाओं का जल्द समाधान हो.

-विकास भगतबोले एक्सपर्ट

वार्ड नंबर तीन के विभिन्न मोहल्ले में नाला-सफाई नहीं होने से लोग काफी कठिनाई का सामना कर रहे हैं. ऐसे में नगर पंचायत को स्वच्छता अभियान में तेजी लाते हुए सफाई कार्य कराना चाहिए. मोहल्ले में जर्जर सड़क की जगह सड़क निर्माण करने की भी आवश्यकता है. ताकि लोग सुगमतापूर्वक आवागमन कर सकें.-अरविंद झा, एक्सपर्ट

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By Prabhat Khabar News Desk

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