गोड्डा शहरी क्षेत्र के लोग और यहां आने वाले राहगीर असहनीय गर्मी और धूप के बीच मजबूर हो गये हैं. नगर परिषद की उदासीनता के कारण शहर में राहगीरों और आम जनता के लिए पीने का पानी उपलब्ध नहीं है. इस भीषण गर्मी में लोगों को पानी खरीदने के लिए पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे स्थानीय जनता में नगर परिषद के खिलाफ भारी आक्रोश पनप रहा है. गोड्डा शहर के मुख्य चौक-चौराहों जैसे कारगिल चौक, हटिया चौक, भागलपुर रोड, रौतारा चौक, बस स्टैंड और सदर अस्पताल रोड पर रोजाना हजारों लोगों का आवागमन होता है. ग्रामीण इलाकों से शहर आने वाले गरीब लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं. स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पूरे बाजार में सरकारी प्याऊ या ठंडे पानी की कोई सुविधा नहीं है, जबकि नगर परिषद टैक्स वसूलने में पूरी तत्परता दिखाती है.
पुरानी योजनाएं ठप, बुनियादी विकास कागजों तक सीमित
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद हर साल गर्मियों से पहले बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल उलट होती है. शहर के कुछ हिस्सों में मौजूद चापाकल, सोलर जलमीनार और वॉटर एटीएम भी खराब पड़े हैं. सार्वजनिक जगहों पर पानी की व्यवस्था नहीं होने से यह साफ जाहिर होता है कि प्रशासन आम जनता की बुनियादी जरूरतों को लेकर उदासीन है. शहरी क्षेत्र में पानी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है. समाजसेवी और नागरिक चेतावनी दे रहे हैं कि अगर नगर परिषद मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर वाटर एटीएम या प्याऊ के माध्यम से ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं करती, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद की यह लापरवाही साबित करती है कि कागजी दावों के बावजूद, जमीन पर जनता को अपनी प्यास बुझाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.
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