राजमहल कोल परियोजना के प्रभावित क्षेत्र के रैयतों ने अपनी कीमती जमीन परियोजना के विस्तार के लिए दी है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक उचित मुआवजा एवं पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध नहीं करायी गयी हैं. रैयतों का कहना है कि नियमानुसार उन्हें घर के बदले मुआवजा, आवास निर्माण के लिए भूमि तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए, लेकिन इसके लिए वे लगातार परियोजना कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. इसके बावजूद प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की जा रही है. प्रभावित रैयतों ने बताया कि इस मामले को लेकर महागामा अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष भी वार्ता हुई थी. इसके अलावा परियोजना कार्यालय में प्रबंधन के साथ भी बातचीत की गयी, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है. रैयतों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उन्हें घर निर्माण के लिए जमीन एवं उचित मुआवजा उपलब्ध नहीं कराया गया तो यूनियन द्वारा जोरदार आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी परियोजना प्रबंधन की होगी.
रैयतों ने मुआवजा व पुनर्वास की मांग को लेकर दी आंदोलन की चेतावनी
राजमहल कोल परियोजना के प्रभावितों ने 15 दिन में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की बात कही
