प्रतिनिधि, गोड्डा. झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित धांधली, भ्रष्टाचार और प्रश्नपत्र लीक के विरोध में चल रहा छात्रों का आंदोलन अब व्यापक रूप लेने लगा है. गोड्डा के कारगिल चौक पर आयोजित सभा में छात्र नेता देवेंद्र महतो ने सरकार और भर्ती संस्थाओं के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
योग्यता नहीं, पैरवी और पहचान से नौकरी देने का लगाया आरोप
सभा को संबोधित करते हुए देवेंद्र महतो ने आरोप लगाया कि राज्य में योग्यता और मेहनत की अनदेखी कर पैरवी, पहचान और कथित रेट चार्ट के आधार पर सरकारी नौकरी देने का खेल चल रहा है. उन्होंने कहा कि किसान और मजदूर परिवारों के बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों लगा देते हैं. दिन-रात मेहनत के बाद जब नियुक्ति का मौका आता है, तो कथित अनियमितताओं के कारण उनके सपने टूट जाते हैं.
आंदोलन के दबाव में परीक्षाएं रद्द होने का दावा
आंदोलनकारियों ने कहा कि भूख हड़ताल, सत्याग्रह और विधानसभा घेराव जैसे आंदोलनों के दबाव में पूर्व में सरकार को कई परीक्षाएं रद्द और स्थगित करनी पड़ी थीं. उनका आरोप है कि अब न्यायालय की प्रक्रिया के जरिये मामले को दबाने या लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है. छात्र इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे.
देवेंद्र महतो ने कहा कि 24 जिलों का यह दौरा महज दूरी तय करने के लिए नहीं है, बल्कि किसान और मजदूर परिवारों के बच्चों के टूटते सपनों को न्याय दिलाने के लिए है. उन्होंने हाल में हुई कुछ संदिग्ध नियुक्तियों की जांच और गिरफ्तारियों का जिक्र करते हुए मांग की कि यदि अनियमितता में कोई अधिकारी, नेता या मंत्री शामिल है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सामने लाया जाये.
स्थानीय व नियोजन नीति में बदलाव की मांग
आंदोलनकारियों ने सरकार से झारखंड के हित में स्थानीय और नियोजन नीति बनाने तथा सरकारी नियुक्तियों में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की. उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होने पर ही युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा कायम हो सकेगा.
गोड्डा के बाद कई जिलों से होकर रांची पहुंचेगी यात्रा
आंदोलनकारियों ने बताया कि गोड्डा के बाद भर्ती सुधार यात्रा देवघर, धनबाद, बोकारो, कोल्हान और पलामू प्रमंडल से होते हुए रांची पहुंचेगी. यात्रा का समापन भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल पर किया जायेगा.
मांगें नहीं मानीं तो चक्का जाम और झारखंड बंद की चेतावनी
सभा में आंदोलनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जायेगा. इसके तहत पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन चक्का जाम और 'झारखंड बंद' जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने की चेतावनी दी गयी.
