गोड्डा से संवाददाता निरभ किशोर की रिपोर्ट
गोड्डा : राज्य में जेपीएससी-सीजीएल मामले को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच झामुमो विधायक और पूर्व मंत्री हेमलाल मुर्मू ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन छात्रों का नहीं, बल्कि भाजपा और उससे जुड़ी आनुषंगिक इकाइयों युवा मोर्चा तथा एबीवीपी की सरकार के खिलाफ गतिविधि है.
किसान भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में हेमलाल मुर्मू ने कहा कि राज्य में गत दिनों छात्र आंदोलन के बाद सरकार के निर्णय और न्यायालय के फैसले को लेकर एक बार फिर छात्र आंदोलन का नाम दिया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है. प्रेस वार्ता में उनके साथ झामुमो जिलाध्यक्ष प्रेमानंदन मंडल और केंद्रीय सदस्य पुष्पेंद्र टुडू भी मौजूद थे.
'कौन है कुणाल प्रताप चौहान?'
हेमलाल मुर्मू ने आंदोलन से जुड़े कुणाल प्रताप चौहान को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि "कुणाल प्रताप चौहान कौन है." उन्होंने पत्रकारों को बताया कि कुणाल बिहार के गंगा पार क्षेत्र के रहने वाले हैं और रांची में कोचिंग चलाते हैं. विधायक ने आरोप लगाया कि वे अपना चेहरा चमकाने के लिए छात्रों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं और उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है.
उन्होंने कहा कि भाजपा की राज्य में अब कुछ चल नहीं रही है. आंदोलन कर रहे छात्रों को भी पता है कि मामला न्यायालय में है और हाई कोर्ट की ओर से स्टे लगाया गया है. सरकार ने छात्रों की भावनाओं को समझते हुए 22 वैकेंसी पर रोक लगाकर संवेदनशीलता के साथ पहल की है. भाजपा इसे पचा नहीं पा रही है.
'भाजपा षड्यंत्र कर रही, सरकार कहां कसूरवार'
हेमलाल मुर्मू ने कहा कि इस मामले में सरकार कहीं कसूरवार नहीं है. उच्च न्यायालय की ओर से मामले में स्टे लगाया गया है. उन्होंने भाजपा पर षड्यंत्र और दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की ओर से यह प्रचार किया जा रहा है कि सरकार ने कमजोर वकील खड़ा किया है.
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा को छात्रों की इतनी ही चिंता है तो उसे अपनी ओर से मजबूत वकील खड़ा करना चाहिए था. सरकार पर बेवजह सवाल उठाने के बजाय मामले की न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार किया जाना चाहिए.
'काउंटर एफिडेविट सरकार को देना है'
विधायक के मुताबिक उच्च न्यायालय की कार्रवाई के बाद सरकार करीब 15 दिनों के बाद काउंटर एफिडेविट जमा करेगी. उन्होंने कहा कि अभी भाजपा को अनाप-शनाप बयानबाजी करने की जरूरत नहीं है. न्यायालय की प्रक्रिया के तहत सरकार अपना पक्ष मजबूती से रखेगी.
'हाई कोर्ट संज्ञान ले, विशेषाधिकार का हो रहा हनन'
हेमलाल मुर्मू ने कहा कि भाजपा और विपक्ष के कुछ लोग उच्च न्यायालय को लेकर सरकार का पक्ष लेने वाली संस्था के तौर पर गलत शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के प्रति इस तरह की टिप्पणी गंभीर विषय है.
विधायक ने मांग की कि ऐसे मामलों में उच्च न्यायालय को स्वतः संज्ञान लेकर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि न्यायालय की गरिमा और विशेषाधिकार का हनन करने वाली बयानबाजी को किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता है.
