मेहरमा प्रखंड के डोय पंचायत अंतर्गत कमरगामा गांव में इन दिनों पेयजल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है. सोलर जलमीनार और चापाकल खराब हो जाने के कारण ग्रामीणों के समक्ष पेयजल की भारी समस्या उत्पन्न हो गयी है. स्थिति यह है कि ग्रामीणों के लिए अब महंगे डब्बा बंद पानी ही एकमात्र सहारा रह गया है. जानकारी के अनुसार कमरगामा गांव की आबादी लगभग एक हजार है, जिसमें मुस्लिम समुदाय की संख्या अधिक है. इसके अलावा यहां शर्मा एवं मंडल जाति के लोग भी निवास करते हैं. ग्रामीणों के अनुसार पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा लगभग सात वर्ष पूर्व गांव में छह चापाकल लगाये गये थे, जबकि करीब पांच वर्ष पूर्व 15वें वित्त आयोग की राशि से तीन सोलर जलमीनार स्थापित किये गये थे. इन योजनाओं के प्रारंभ में ग्रामीणों को आसानी से शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा था, जिससे उन्हें काफी राहत मिली थी. पहले जो ग्रामीण प्रतिदिन 15 से 20 रुपये खर्च कर डब्बा बंद पानी खरीदते थे, उन्हें सोलर जलमीनार से निशुल्क और शुद्ध पानी मिलने लगा था.
कमरगामा में गहराया पेयजल संकट, डब्बे का पानी बना सहारा

कमरगामा में गहराया पेयजल संकट, डब्बे का पानी बना सहारा
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सोलर जलमीनार और चापानल खराब, ग्रामीणों को खरीदना पड़ रहा पानी