बोआरीजोर प्रखंड के राजाभीठा, ललमटिया, लौहंडिया बाजार, बोआरीजोर, केरो बाजार, लीलातरी आदि गांवों में धूमधाम से रामनवमी पर्व मनायी गयी. क्षेत्र के बजरंगबली मंदिर में भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-शांति की कामना की. बजरंगबली मंदिर में जय श्रीराम का जयकारा लगाया गया एवं मंदिर परिसर में झंडोत्तोलन किया गया. पंडित अंकेश उपाध्याय द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गयी. पंडित ने कहा कि रामनवमी के दिन भगवान राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे. इसी खुशी में रामनवमी का पर्व मनाया जाता है. भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी ने भगवान राम के वनवास में काफी सहयोग किये थे. हनुमान जी के सहयोग से ही रावण का वध हुआ था. इस दौरान पूजा समिति के सदस्यों के द्वारा शांतिपूर्वक रामनवमी का जुलूस निकाला गया.
जुलूस में लोगों ने दिखाये एक से बढ़कर एक करतब
चैती दुर्गा पूजा व रामनवमी पर्व के उपलक्ष्य पर क्षेत्र के विभिन्न हनुमान मंदिर में लोगों ने ध्वजारोहण कर हनुमान पताके को लहराया. इस दौरान पूरा क्षेत्र जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा. इस अवसर पर लोगों ने जुलूस के साथ एक से बढ़कर एक करतब दिखाये. कजरैल गांव में मैया दुर्गा के प्रांगण में दर्जनों गांवों से आकर लोगों ने लाठी-भाले के साथ करतब को दिखाया. मेला कमेटी के व्यवस्थापक सह जिला परिषद सदस्य निरंजन कुमार पोद्दार ने बताया कि हर वर्ष आसपास क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग ढोल-नगाड़े के साथ झूमते नाचते-गाते हुए आते हैं और एक से बढ़कर एक कला का प्रदर्शन कर अपनी कला की प्रस्तुति करते हैं. अव्वल प्रतिभागियों को कमेटी की ओर से पुरस्कृत किया जाता है. इधर थाना प्रभारी पंकज कुमार सिंह ने बताया की रामनवमी की जुलूस क्षेत्र में शांति पूर्वक निकाली गयी. जगह-जगह पुलिस बलों के साथ महिला बल को भी लगाया गया था. साथ ही साथ पेट्रोलिंग के माध्यम से सभी स्थानों का बारी-बारी से निरीक्षण किया जा रहा था.मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना कर खुशहाली का मांगा आशीर्वाद
महागमा प्रखंड के हनवारा बजरंगबली मंदिर में चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन श्रद्धालुओं ने मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना कर खुशहाली का आशीर्वाद मांगा. देवी भक्तों ने कन्या पूजन कर उन्हें प्रसाद खिलाया. इसी के साथ नवरात्र व्रत का समापन हुआ. रामनवमी का पर्व भी जिले में धूमधाम और आस्था के साथ मनाया जा रहा है. घर और मंदिरों में भगवान श्रीराम की विधि-विधान से पूजा अर्चना की गयी. मंदिरों में रामचरितमानस का पाठ हुआ. रामनवमी पर्व को लेकर कई जगहों पर ध्वजा लहराया गया तथा शोभायात्रा भी निकाली गयी. वहीं भक्ति गीत से पूरा इलाका गुंजायमान रहा. मान्यता के अनुसार असुरों के राजा रावण का संहार करने के लिए भगवान विष्णु ने त्रेता युग में भगवान राम के रूप में सातवां अवतार लिया था. चैत्र मास की नौवीं को अयोध्या के राजा दशरथ की पहली पत्नी कौशल्या ने भगवान राम को जन्म दिया था. मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्म दिवस को रामनवमी के रूप में मनाने की परंपरा है. रामनवमी के अवसर पर श्री रामायण संकीर्तन मंडल द्वारा विश्वास खानी के बाबा बजरंगबली के प्रांगण से काफी धूमधाम से निकाला जा रहा है. जय श्रीराम के जयघोष गूंजेगा. रामनवमी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की गयी. भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है. मंदिरों में लहर-लहर लहराई रे ध्वजा बजरंगबली की.., कभी राम बनके, कभी श्याम बनके…आदि गीत गूंजते रहे. मौके पर हनवारा थाना प्रभारी एवं महागामा प्रखंड विकास पदाधिकारी सोनाराम हांसदा भी मौजूद थे.
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