महागामा. महागामा प्रखंड क्षेत्र के लहठी हाहाजोर में महर्षि मेंहीं हृदय धाम में त्रिवेणी संगम संतमत सत्संग का दो दिवसीय द्वितीय झारखंड प्रांतीय अधिवेशन आरंभ हुआ. इस दौरान त्रिवेणी संगम संतमत सत्संग के आचार्य स्वामी श्रद्धानंद जी महाराज ने सत्संग वाचन करते हुए कहा कि बिना ज्ञान अभ्यास के परम सुख प्राप्त नहीं कर सकते हैं. ध्यान के द्वारा ही हम परमात्मा को जान पहचान सकते हैं.परमात्मा का मन से मनन करना चाहिए. ब्रह्म को संत के सानिध्य में रहकर ही जाना जा सकता है. इस संसार में कोई सुखी नहीं है. सुखी अगर है, तो वह संत है. स्वामी मनीषा नंद स्वामी, ज्ञानी बाबा, स्वामी अभिषेकानंद, स्वामी शंभू बाबा, स्वामी पंकज बाबा ने भी सत्संग प्रवचन किया. मौके पर सत्संग प्रचारक ओमप्रकाश मंडल ने स्वागत भाषण पेश करते हुए कहा कि संत तीर्थ का जल है. इसका आचमन करने से सभी पाप धूल जाते हैं. स्वामी श्रद्धानंद जी महाराज 20वीं सदी के महान संत महर्षि मेंहीं के महान शिष्य है. मंच संचालन सुशील कुमार मंडल ने किया. मौके पर राम जीवन मंडल, अरुण साह, प्रोफेसर नकुल साह, राजेंद्र चौबे, जगदीश पंजियारा सहित काफी संख्या में सत्संग प्रेमियों की भीड़ सत्संग सुनने के लिए जुटी रही, जगदीश पंजियारा ने कहा कि इस सत्संग आश्रम का शिलान्यास महर्षि शाही स्वामी जी महाराज ने अपने हाथों से किया करते हुए कहा था कि यह झारखंड प्रांत का मुख्य आश्रमों में एक होगा. इस अवसर पर सैकड़ों लोगों ने आश्रम में भंडारा का प्रसाद ग्रहण किया.
महागामा में संतमत सत्संग का प्रांतीय अधिवेशन शुरू
लहठी हाहाजोर में महर्षि मेंहीं हृदय धाम में त्रिवेणी संगमका आयोजन
