बोआरीजोर प्रखंड के सुदूरवर्ती गांव आमझोर निवासी सुधीर कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और जिले का नाम रोशन किया है. उन्होंने श्रीलंका की यूनिवर्सिटी ऑफ श्री जयवर्धनेपुरा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में रामनगर रामलीला : इन्टेंजिबल कल्चरल हेरिटेज ऑफ काशी विषय पर शोध-पत्र प्रस्तुत किया, जिसे विद्वानों द्वारा खूब सराहा गया. यह सम्मेलन यूनिवर्सिटी के मानवविज्ञान विभाग और सार्क कल्चरल सेंटर, कोलंबो के संयुक्त तत्वावधान में 19 व 20 सितंबर को आयोजित हुआ था. सम्मेलन में दुनिया भर से आये शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों के बीच सुधीर ने अपने शोधपत्र के माध्यम से रामनगर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रामलीला की वैश्विक महत्ता को रेखांकित किया. सुधीर ने बताया कि रामनगर की रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, लोककला और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है. उन्होंने अपने शोध में रामलीला के ऐतिहासिक विकास, स्थानीय सहभागिता और यूनेस्को द्वारा मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता पर विस्तार से चर्चा की. सुधीर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में डाॅ. सत्यपाल यादव के निर्देशन में शोध कार्य कर रहे हैं और भविष्य में असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर शिक्षा क्षेत्र में योगदान देना चाहते हैं. उनकी इस उपलब्धि पर जिलेवासियों में गर्व की भावना है.
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