राम विवाह मर्यादा और आदर्श जीवन का प्रतीक : साध्वी डॉ. विशेश्वरी देवी

ऊर्जा नगर मेला मैदान में श्री राम कथा के पांचवें दिन गूंजा राम विवाह प्रसंग

महागामा स्थित ऊर्जा नगर मेला मैदान में आयोजित श्री राम कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की मनोहारी कथा का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे. कथा स्थल पर जय श्रीराम के उद्घोष, भजनों और तालियों की गूंज से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बन गया. कथा वाचिका साध्वी डॉ. विशेश्वरी देवी ने राम विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण, रोचक एवं प्रेरक वर्णन किया. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि मर्यादा, त्याग, प्रेम एवं आदर्श जीवन मूल्यों का जीवंत प्रतीक है.

धनुष यज्ञ से विवाह तक की कथा ने मोहा मन

साध्वी जी ने धनुष यज्ञ से लेकर राम-सीता विवाह तक की कथा को सरल, भावनात्मक एवं आकर्षक शैली में प्रस्तुत किया. राम द्वारा शिव धनुष भंग किये जाने का प्रसंग सुनते ही पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ प्रभु श्री राम की महिमा का गुणगान किया. कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों पर महिलाएं एवं पुरुष श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमते नजर आये. पूरा पंडाल भक्तिरस से सराबोर हो गया. अपने प्रवचन में साध्वी डॉ. विशेश्वरी देवी ने कहा कि वर्तमान समय में राम विवाह से आपसी सम्मान, पारिवारिक मूल्यों एवं कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा लेनी चाहिए. उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से भगवान श्री राम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया. उल्लेखनीय है कि श्रीराम कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और भक्ति भाव से कथा श्रवण कर रहे हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SANJEET KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >