एनएच-133 की बदहाल स्थिति इन दिनों आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गयी है. गोड्डा से लेकर पोड़ैयाहाट और पथरगामा तक सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों ने राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बारिश के कारण इन गड्ढों में जलभराव होने से दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है. स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं संबंधित विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है. गोड्डा नगर थाना क्षेत्र में एनएच-133 पर मुरलीडीह से बिजली कार्यालय तक करीब तीन किलोमीटर का मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है. सड़क पर जगह-जगह बने बड़े गड्ढों और उनमें भरे पानी के कारण वाहन चालकों एवं राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग अब दुर्घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है. शहर के व्यस्त सरकंडा चौक के आसपास सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे उभर आये हैं, जिससे हर समय जाम और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. भतडीहा तालाब के उत्तरी छोर पर सड़क लगभग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है. जलभराव के कारण गड्ढों की गहराई का अनुमान नहीं लग पाता, जिससे दोपहिया और तिपहिया वाहन चालक अक्सर असंतुलित होकर गिर जाते हैं. नगर चौक के समीप भी सड़क की बदहाली प्रशासनिक दावों की पोल खोल रही है. स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन भारी एवं छोटे वाहनों का आवागमन होता है. इसके बावजूद लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं करायी गयी है. लोगों ने विभाग से किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किये बिना तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है.
पोड़ैयाहाट में चार स्थानों पर बने जानलेवा गड्ढे
पोड़ैयाहाट में एनएच-133 पर गायत्री नगर के समीप लगभग एक किलोमीटर के दायरे में चार स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं. इन गड्ढों के कारण आये दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, जबकि भारी वाहनों के पलटने का खतरा भी बना हुआ है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क की जर्जर स्थिति के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है. वहीं वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल से लोगों का जीना दूभर हो गया है. उन्होंने विभाग से अविलंब गड्ढों की भराई कर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है.
पथरगामा में अस्पताल के पास बड़ा गड्ढा बना खतरा
पथरगामा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से पहले एनएच-133 के बीचोंबीच बना करीब ढाई फीट गहरा गड्ढा सड़क दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहा है. सड़क की ऊपरी परत कई स्थानों पर उखड़ चुकी है और बारिश के कारण गड्ढे में पानी भर जाने से उसकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता. स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर स्पीड ब्रेकर नहीं होने के कारण तेज रफ्तार वाहन चालकों को गड्ढा दिखाई नहीं देता, जिससे दुर्घटनाएं होती रहती हैं. हालांकि अस्पताल निकट होने के कारण घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार मिल जाता है. स्थानीय निवासी संजय झा, बबलू भगत, नीरज भगत, प्रीतम कुमार, रॉबिन साह, मनोज साह और प्रदीप पंडित सहित अन्य लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं करायी गयी तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है. उन्होंने संबंधित विभाग से तत्काल गड्ढों की भराई कर एनएच-133 को सुरक्षित बनाने की मांग की है.
