दुर्गा पूजा से पहले गंदगी हटाने, डस्टबिन लगाने व रोजाना सफाई कराये नगर प्रशासन

प्रभात संवाद. गंगटा मोहल्ला स्थित वार्ड नंबर 20 के निवासियों ने की पूजा से पहले साफ-सफाई की मांग

प्रभात खबर की ओर से रविवार को गंगटा मोहल्ला के वार्ड संख्या 20 में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षक गंगाधर मेहरा ने की. संवाद का विषय था, नगर प्रशासन स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए ठोस निर्णय ले, सफाई कर्मियों पर हो कार्रवाई. मोहल्ले के गणमान्य लोगों ने दुर्गा पूजा से पहले इलाके में पसरे कूड़े के ढेर को हटाने, नालियों की सफाई और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग उठायी. वक्ताओं ने कहा कि सरकार स्वच्छता पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन मोहल्लों में इसका कोई असर दिखाई नहीं देता. स्थानीय निवासी दिलीप कुमार मेहरा ने कहा कि सफाईकर्मी सिर्फ खानापूर्ति करते हैं, नियमित साफ-सफाई नहीं होती. भुवनेश्वर मेहरा ने बताया कि गंगटा हाई स्कूल के पास हमेशा गंदगी का अंबार रहता है, नालियां जाम रहती हैं, जिससे बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. शशिकांत मेहरा ने कहा कि सफाई वाहन कभी नजर नहीं आता, जबकि लोग होल्डिंग टैक्स समय पर जमा करते हैं. मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से मांग की कि वार्ड में डस्टबिन लगाये जायें, सफाईकर्मियों की नियमित निगरानी हो और प्रत्येक दिन सफाई अभियान चलाया जाये. वक्ताओं ने प्रभात खबर की सराहना करते हुए कहा कि संवाद के माध्यम से आम जनता की समस्याएं प्रशासन तक पहुंच रही हैं. लोगों ने उम्मीद जतायी कि नगर प्रशासन इस पहल को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करेगा.

गणमान्य व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रखी अपनी बातवार्ड संख्या 20 में नियमित सफाई नहीं होती. बदबू और गंदगी के कारण घर से निकलना मुश्किल है. नगर परिषद को तत्काल ध्यान देना चाहिए.

गंगाधर मेहरा, स्थानीय निवासी

सफाई कर्मी खानापूर्ति करते हैं. गलियों और सड़कों पर गंदगी का अंबार लगा है. मच्छर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है.

दिलीप कुमार मेहरा, स्थानीय निवासी

नालियों की स्थिति बेहद खराब है. गंदगी से मोहल्ले की गलियां दूषित हो रही हैं. कोई नियमित सफाई व्यवस्था नहीं है, जिससे रहना मुश्किल हो गया है.

भुवनेश्वर मेहरा, स्थानीय निवासी

सफाई नहीं होने के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं. बारिश में यही कचरा बीमारी फैला सकता है. न तो सफाई हो रही है, न ही कचरा गाड़ी आती है.

शशिकांत मेहरा, स्थानीय निवासी

वार्ड में तीन सफाई कर्मी हैं, लेकिन केवल एक महिला कर्मचारी काम करती है. शेष कर्मी समय काटते हैं. कचरा गाड़ी भी कभी नहीं आती है.

दिनेश मंडल, स्थानीय निवासी

न तो घर-घर कचरा संग्रह हो रहा है और न ही गलियों की सफाई. लोग मजबूरी में कचरा इधर-उधर फेंक रहे हैं, जिससे वार्ड में गंदगी फैल गयी है.

शंकर चौहान, स्थानीय निवासी

सड़क किनारे गंदगी जमा है, जिससे दुर्गंध फैल रही है. बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. मोहल्ले में सुबह-शाम टहलना भी दूभर हो गया है.

परमेश्वर मेहरा, स्थानीय निवासी

मुख्य सड़कों की सफाई तो होती है, लेकिन मोहल्लों की गलियों की हालत बेहद खराब है. न तो कचरा उठता है और न नालियों की सफाई होती है.

मेघा कुमार, स्थानीय निवासी

शिकायतों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. दुर्गा पूजा के मौके पर भी नगर परिषद सफाई को लेकर उदासीन है, जिससे लोग नाराज हैं.

भास्कर मेहरा, स्थानीय निवासी

नगर परिषद खुद को नंबर वन बता रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अधिकांश वार्डों में गंदगी फैली है. त्योहारों में भी सफाई की व्यवस्था लचर है.

विशाल कुमार, स्थानीय निवासीB

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Author: SANJEET KUMAR

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