रोजगार सेवकों की हड़ताल से 12 हजार मनरेगा मजदूर प्रभावित

अनिश्चितकालीन हड़ताल से मनरेगा कार्य ठप, ग्रामीणों के सामने रोजगार संकट

महागामा प्रखंड क्षेत्र में रोजगार सेवकों की दो महीने से अधिक समय से जारी हड़ताल का सीधा असर करीब 12 हजार मनरेगा मजदूरों पर पड़ रहा है. प्रखंड में कार्यरत 24 रोजगार सेवक उचित मानदेय की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे मनरेगा विभाग के अधिकांश कार्य ठप हो गये हैं. ग्रामीण मजदूरों का कहना है कि रोजाना मजदूरी पर निर्भर होने के कारण उनका परिवार इस कार्य पर ही आश्रित है. कार्य बंद होने से उनके घरों का चूल्हा तक प्रभावित हो गया है और भरण-पोषण का संकट उत्पन्न हो गया है. रोजगार सेवकों ने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें काफी कम मानदेय मिलता है और वह भी छह-छह माह की देरी से. उन्होंने कहा कि पूर्व में मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन किया गया था, जिस पर मंत्री इरफान अंसारी और विभागीय सचिव ने 30 प्रतिशत मानदेय बढ़ाने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की गयी. हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गये हैं. मजदूरों ने चिंता जतायी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो उन्हें पलायन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. बीपीओ पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि वर्तमान में केवल पुराने योजनाओं के तहत तालाब और पुराने कुओं पर ही सीमित कार्य चल रहा है, जबकि नयी योजनाओं की इंट्री पिछले एक वर्ष से नहीं हो रही है. जिले में लगभग पांच हजार मनरेगा कर्मी कार्यरत हैं, लेकिन मजदूरों के बीच भुगतान को लेकर असमंजस बना हुआ है. मजदूर डरते हैं कि काम करने के बाद उन्हें समय पर भुगतान मिलेगा या नहीं. मालूम हो कि केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से जी-राम-जी बिल लागू करने की घोषणा कर दी है, जबकि झारखंड सरकार इस एक्ट को लागू करने पर सहमत नहीं दिख रही है. इस असमंजस का खामियाजा मनरेगा कर्मियों और गरीब मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sanjeet kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
Tags
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >