50 साल पुराना पुल दे रहा हादसे को न्योता: टूटी रेलिंग, नीचे 50 फीट गहराई; जोखिम में 20 गांवों की जान

महागामा का 50 साल पुराना पुल जर्जर, रेलिंग टूटी, 50 फीट गहराई. 20 गांवों के सैकड़ों लोग हर दिन जान जोखिम में डालकर करते हैं सफर. जानिए क्या है पूरा मामला.

प्रतिनिधि, महागामा : महागामा प्रखंड क्षेत्र के सुंदरनदी पलहारपुर स्थित करीब 50 साल पुराना जर्जर पुल इन दिनों बड़े हादसे को न्योता दे रहा है. सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित इस पुल की रेलिंग कई जगह टूट चुकी है. पुल की जर्जर हालत के बावजूद रोजाना सैकड़ों लोग इसी रास्ते से आवागमन कर रहे हैं. ग्रामीणों को आशंका है कि समय रहते मरम्मत या नया पुल नहीं बनाया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

20 गांवों की लाइफलाइन, हर दिन खतरे का सफर

ग्रामीणों के अनुसार यह पुल करीब 20 गांवों के लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है. लहठी, डहुआ, कुसुमघाटी, नारायणपुर, राजाभीठा, केढ़ो बाजार, धमनी और कुशबिल्ला समेत आसपास के गांवों के लोग इसी रास्ते से बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए आते-जाते हैं. पुल की हालत खराब होने के कारण लोगों को हर दिन जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है.

सड़क नई बनी, पुल की नहीं सुधरी हालत

ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले पीडब्ल्यूडी विभाग ने महादेव बथान से टेशो बथान तक सड़क का निर्माण कराया था. सड़क तो बन गयी, लेकिन पुराने पुल की मरम्मत नहीं करायी गयी. इसके बाद पुल की स्थिति और खराब होती चली गयी. कई जगह रेलिंग टूट जाने से वाहन चालकों को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ता है.

ग्रामीणों का कहना है कि पुल के पास जरा सी चूक हुई तो वाहन करीब 50 फीट नीचे जा सकता है. ऐसे में किसी भी समय बड़ी जनहानि की आशंका बनी हुई है.

रोक के बावजूद रात में दौड़ रहे हाईवा

ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की ओर से पुल के समीप भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक संबंधी सूचना लगायी गयी है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है. खासकर रात के समय दर्जनों हाईवा वाहन इसी पुल से होकर गुजरते हैं. भारी वाहनों के लगातार आवागमन से पुल पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है और उसकी स्थिति लगातार खराब हो रही है.

समय रहते नहीं जागा विभाग तो हो सकता है हादसा

डहुआ के शंकर दास, सजल दास, कुसुमघाटी के महेंद्र साह, सोनाराम हांसदा तथा लहठी के किशोर साह, अनिल यादव, मिथुन दास समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि पुल की स्थिति अब मरम्मत से आगे की हो चुकी है. विभाग को मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पहल करनी चाहिए.

ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन से जर्जर पुल का निरीक्षण कराकर जल्द नया पुल बनाने की मांग की है, ताकि करीब 20 गांवों के लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके.


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By Prabhat khabar news desk

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