सरना धर्म कोड लागू करने की मांग को लेकर झामुमो ने किया प्रदर्शन

झामुमो की ओर से गोड्डा के अशोक स्तंभ परिसर में धरना कार्यक्रम आयोजित

झामुमो के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत स्थानीय अशोक स्तंभ परिसर में सरना धर्म कोड लागू किये जाने की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना के साथ प्रर्दशन किया गया. विशाल धरना कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष प्रेमनंदन मंडल ने किया. जिला अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार विशाल जनसूमह जुटान गोड्डा में हुआ. इस दौरान सभा स्थल पर आये विभिन्न प्रखंडों के ग्राम प्रधान, नायकी, परगनेत आदि के साथ महिलाओं ने भी सरना धर्म कोड लागू किये जाने की मांग पर जमकर अपनी एकता का प्रर्दशन किया. प्रदर्शन में शामिल झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनकी पार्टी जनगणना में सरना धर्म कोड लागू करने के लिए पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी. झारखंड में सरना धर्म कोड लागू करने का प्रस्ताव हेमंत सरकार ने राज्य से पारित कराकर केंद्र सरकार को भेजा है. लेकिन भारत सरकार द्वारा सरना धर्म कोड लागू नहीं किया गया. कहा कि केंद्र सरकार की मनमानी का नतीजा हम आज झेल रहे हैं. जिला अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड में आदिवासी संस्कृति और अस्मिता की रक्षा के लिए सरना धर्म कोड लागू किया जाना जरूरी है, भारत सरकार इसे लागू नहीं करना चाहती है. केंद्र सरकार जातीय जनगणना की बात कर रही है, जिसका झारखंड मुक्ति मोर्चा विरोध करता है. वहीं जिला सचिव बासुदेव सोरेन ने मंच संचालन करते हुए कहा कि राज्य में सरना धर्म को लागू करना झारखंड मुक्ति मोर्चा की पहली प्राथमिकता है. इसके लिए हर स्तर पर पार्टी आंदोलन करेगी. सरना कोड के लागू हो जाने से संताल आदिवासियों की जाति संख्या व आधार हो सकेगा. कार्यक्रम में सुबल मंडल, ताला बाबू हांसदा, मेरी मुमू्, अध्यक्ष कैयूूम अंसारी, मुन्ना खुर्शीद, पुष्पेंद्र टुडू, घनश्याम यादव, मो अरगमान, मृत्युंजय सिंह, अब्दुल अहव आजाद, मो अलीमुद्दीन, मो जहांगीर, विनोद मुर्मू, शंकर मंडल, श्रवण मंडल, सुमन कुमार, राजकुमार दास, बालमुकुंद महतो आदि शामिल थे.

हाथ में तख्ती लेकर पहुंचीं आदिवासी महिलाएं

इस दौरान गोड्डा सु्रदरपहाड़ी, बोआरीजोर, पोड़ैयाहाट के विभिन्न गांवों से पहुंचीं आदिवासी महिलाएं हाथ में तख्ती लेकर जोरदार नारा लगा रही थी. महिलाओं की मांग थी कि उनका हक व अधिकार है. सरना धर्म कोड हर हाल में लागू कराकर रहेंगे. इस दाैरान भटोंधा की पंसस मिनी किस्कू के साथ मेरी मुर्मू, मरांग मेरी सोरेन, आशा बास्की, शांति मरांडी, मुख्य रूप से शामिल थी.

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Author: SANJEET KUMAR

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