हिदायत अली की मौत से बुद्धिजीवी व शिक्षकों में आक्रोश

नौ बीघे जमीन को लेकर था चाचा से विवाद, एक सप्ताह पहले थाने में की थी शिकायत

गोड्डा. हनवारा थाना के परसा गांव के रहने वाले युवा प्रधानाचार्य हिदायत अली से जिले भर के बुद्धिजीवी और शिक्षा प्रेमियों से जुड़ाव था. इस तरह हिदायत को उनके चाचा ने पीटकर हत्या कर दी. वह सभ्रांत समाज के लिए सदमा देनेवाला है. हिदायत की मौत के बाद उठ रहे सवाल पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती से कम नहीं है. लोगों का कहना है कि मामले पर ध्यान न देना और संवेदना को ताख पर रखकर काम करना. यह बात गोड्डा सदर अस्पताल से लेकर महागामा तक चर्चा में है. जानकारी के अनुसार हिदायत अपने हिस्से की नौ बीघा जमीन को लेकर लगातार अपने चाचा और उनके लोगों की दबंगई का शिकार था. एक सप्ताह पहले हिदायत ने थाना में आवेदन देकर अपनी परेशानी व्यक्त की थी. इसकी जानकारी उनके बड़े भाई जहांगीर ने दी. जिप सदस्य नगमा आरा ने पुलिस के देर से पहुंचने का लगाया आरोप लगाया है. राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य ने जतायी संवेदना सदर अस्पताल में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य हाजी इकरारूल हसन आलम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और कहा कि जमीन विवाद में किसी की जान चली जाना बिल्कुल सही नहीं है. मृतक के भाई की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रेफर किया गया. मृतक का भांजा सदर अस्पताल में भर्ती है. हाजी आलम ने कहा कि खूनी संघर्ष में शिक्षक की मौत और घायलों की स्थिति देखकर दिल झकझोर गया है. उन्होंने कहा कि समस्या चाहे कितनी भी जटिल क्यों न हो, मिल बैठकर बातचीत से समाधान निकाल लिया जाता है, मगर किसी की जान चली जाए यह कहीं से भी उचित नहीं है. इस घटना पर उन्होंने अफसोस व्यक्त किया और इसकी कड़ी निंदा की. मृतक शिक्षक हिदायत सिद्दीकी के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में सब्र और सहनशक्ति के लिए प्रार्थना की. आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की उठी मांग भांजे असद राही का इलाज गंभीरता से सदर अस्पताल के डॉ प्रशांत कुमार (ऑर्थोपेडिक सर्जन) एवं डॉ जुनैद आलम द्वारा किया जा रहा है. वहीं डॉ नुरूद्दीन शेख और हज समन्वयक इब्राहिम अंसारी भी वहां उपस्थित होकर गहरी संवेदना व्यक्त की. पुलिस प्रशासन से उम्मीद जतायी गई है कि इस घटना के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. हनवारा से लेकर दूरदराज के क्षेत्रों में कई महीनों से चल रहे जमीन विवाद के बीच हिदायत की मौत पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती बन गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SANJEET KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >