महागामा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत नरोत्तमपुर गांव के स्वर्णकार टोला में इन दिनों भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच पेयजल संकट गहरा गया है. सरकारी स्तर पर पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति ऐसी है कि लोगों को पीने के पानी के लिए दूसरे टोले एवं अन्य घरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. ग्रामीण सरयुग साह, विक्की साह, वुरजु साह, पवन साह, बलराम साह, विनय साह, किशन साह, प्रदीप साह, विष्णु साह, कविता देवी, सोनी देवी एवं अनीता देवी ने बताया कि स्वर्णकार टोला में लगभग 30 से 40 घर हैं. यहां अधिकांश परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करते हैं और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि आज तक टोला में न तो चापाकल लगाया गया और न ही किसी सरकारी पेयजल योजना का लाभ लोगों को मिल पाया है. गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर हो गयी है. सुबह होते ही महिलाएं और बच्चे बर्तन लेकर पानी की व्यवस्था करने में जुट जाते हैं. कई परिवारों को दूर-दराज के घरों से पानी लाना पड़ता है. ग्रामीणों ने बताया कि कई बार पानी मांगने पर घंटों इंतजार करना पड़ता है, जबकि कुछ जगहों पर लोगों को पानी देने से मना भी कर दिया जाता है. ऐसे में कई परिवारों को खाली बर्तन लेकर वापस लौटना पड़ता है. उन्होंने कहा कि पानी की कमी के कारण दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. खाना बनाने, नहाने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. इसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों पर पड़ रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी गयी, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी. लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द चापाकल लगाने अथवा स्थायी पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि गर्मी के मौसम में राहत मिल सके.
स्वर्णकार टोला में गहराया पेयजल संकट, ग्रामीणों को हो रही भारी परेशानी
भीषण गर्मी में पानी के लिए दूसरे टोले और घरों पर निर्भर हैं लोग
