बलबड्डा के छगराहा गांव में पेयजल संकट, सोलर जलमीनार खराब
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सरकारी उदासीनता और तकनीकी खराबी से 500 ग्रामीणों के लिए पानी की किल्लत
मेहरमा प्रखंड क्षेत्र के बलबड्डा पंचायत अंतर्गत छगराहा गांव में सरकारी उदासीनता और तकनीकी खराबी के कारण गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है. गांव में लगी सोलर जलमीनार पिछले कई महीनों से काम नहीं कर रही, जिससे ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है. मजबूरन, आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण महंगे दामों में डब्बा पानी खरीदने को विवश हैं. गांव के ग्रामीणों ने बताया कि सोलर जलमीनार खराब होने के साथ ही जिस चापानल के ऊपर सिस्टम फिट किया गया था, वह भी पूरी तरह बेकार हो चुका है. अब उन्हें न तो जलमीनार का शुद्ध पानी मिल रहा है और न ही चापानल से पानी भर पाने की सुविधा है.
गरीब ग्रामीण 15 रुपये का डब्बा पानी पीने को मजबूर
गांव के बाबूजी किस्कू, सोनेलाल किस्कू, सुनील किस्कू, मनोज रविदास, शेखर रविदास, सुनील कुमार, मो. कलाम, मो. शाहिद और मो. फैयाज ने बताया कि इस गांव में आदिवासी, मुस्लिम और हरिजन समुदाय के गरीब परिवार रहते हैं. मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले ग्रामीणों के लिए प्रतिदिन 15 रुपये में पानी खरीदना मुश्किल हो गया है. उन्होंने जिला और प्रखंड प्रशासन से जलमीनार को तुरंत ठीक कराने की मांग की है.
पहले भी हुई थी मरम्मत, पर अब फिर ठप
ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी मुखिया और प्रखंड कार्यालय में शिकायत के बाद जलमीनार को ठीक कराया गया था, लेकिन घटिया मरम्मत या तकनीकी खामी के कारण वह कुछ ही दिनों में फिर से ठप हो गयी. अब भीषण गर्मी में ग्रामीण और उनके मवेशी प्यास से बेहाल हैं और वे पानी की कोई ठोस व्यवस्था चाहते हैं.
क्या कहती हैं मुखिया
इस गांव में हर साल गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत हो जाती है. पूर्व में सोलर जलमीनार को ठीक कराया गया था, लेकिन वह पुनः खराब हो गया है. वरीय पदाधिकारियों के आदेश और मार्गदर्शन पर इसे जल्द ही दोबारा ठीक कराया जाएगा ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके.
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