विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर सोमवार को सदर अस्पताल परिसर में जिला स्तरीय जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन डीडीसी विस्पुते श्रीकांत यशवंत, सिविल सर्जन डॉ. सुभाष चंद्र शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष सुशीन रमानी तथा उपाध्यक्ष पूजा तिवारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर डीडीसी विस्पुते श्रीकांत यशवंत ने कहा कि हम दो, हमारे दो का संदेश आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है. उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या देश के विकास की गति को प्रभावित करती है. सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं का समुचित लाभ तभी संभव है, जब प्रत्येक परिवार परिवार नियोजन को अपनाए और छोटे एवं संतुलित परिवार की अवधारणा को स्वीकार करे. उन्होंने कहा कि छोटा परिवार, सुखी परिवार केवल एक नारा नहीं, बल्कि स्वस्थ और समृद्ध समाज की आधारशिला है. जनसंख्या नियंत्रण के लिए व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि परिवार नियोजन की जिम्मेदारी केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. पुरुषों को भी आगे आकर परिवार नियोजन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए. सिविल सर्जन डॉ. सुभाष चंद्र शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार के कारण मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आयी है और लोगों की औसत आयु पहले की अपेक्षा बढ़ी है. यह स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का सकारात्मक परिणाम है. उन्होंने कहा कि जनसंख्या स्थिरता किसी भी देश के सतत विकास, बेहतर स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार तथा संसाधनों के संतुलित उपयोग के लिए अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने बताया कि जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा 11 जुलाई से 10 अगस्त तक चलेगा. इस अवधि में जिलेभर में परिवार नियोजन संबंधी सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी तथा लोगों को जागरूक किया जाएगा.
जागरूकता रथ को दिखायी हरी झंडी
कार्यक्रम के दौरान डीडीसी, सिविल सर्जन, नगर परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से परिवार स्वास्थ्य मेला जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह रथ अभियान अवधि के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर परिवार नियोजन और जनसंख्या स्थिरता के प्रति लोगों को जागरूक करेगा.
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में परिवार नियोजन कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पथरगामा, सदर अस्पताल गोड्डा तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोआरीजोर को सम्मानित किया गया. इसके अलावा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रौतारा, आयुष्मान आरोग्य मंदिर कार्तिकभिट्ठा, लहठी, हरियारी, ककना, कुमरशी, बांसजोरी एवं मड़पा तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाली आठ सहियाओं को भी सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के दौरान परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया. वहीं, कार्यक्रम स्थल पर परिवार नियोजन से संबंधित विभिन्न गर्भनिरोधक साधनों की जानकारी एवं वितरण के लिए विशेष स्टॉल भी लगाया गया. इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. पीएन दर्वे, उपाधीक्षक डॉ. ताराशंकर झा, डीपीएम, डीडीएम, डीपीएमयू समन्वयक, आयुष्मान भारत समन्वयक, परिवार नियोजन परामर्शदाता, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, जीएनएम, एएनएम, सहिया सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे.
