गोड्डा शहर में नहर के समीप अग्निशमन कार्यालय के पास मुख्य सड़क पर चार दिन पूर्व मिले प्रतिबंधित मांस के अवशेषों से शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया था. नगर निकाय चुनाव के दौरान सामने आये इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया था, जिससे अनहोनी की आशंका उत्पन्न हो गयी थी. हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा कर दिया है. नगर थाना में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रशिक्षु डीएसपी कुमार गौरव ने बताया कि अग्निशमन कार्यालय के समीप मिले गोवंश के सिर के मामले में विस्तृत जांच के बाद स्पष्ट हुआ है कि इसमें किसी व्यक्ति या समुदाय की संलिप्तता नहीं है तथा न ही कोई सांप्रदायिक कोण सामने आया है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में अज्ञात के विरुद्ध कांड संख्या 19/26 दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया था. घटनास्थल एवं आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज की सघन जांच की गयी. तकनीकी साक्ष्य के लिए कॉल डाटा रिकॉर्ड भी खंगाले गये तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ की गयी. जांच के क्रम में 10 फरवरी को तिलक नगर निवासी 66 वर्षीय नित्यानंद यादव स्वयं नगर थाना पहुंचे और बताया कि उनकी बछिया की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हो गयी थी. शव को मजदूर के माध्यम से पास के बहियार में फेंक दिया गया था. पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने पुष्टि की कि बछड़े के शरीर पर किसी धारदार हथियार के निशान नहीं थे, बल्कि किसी जानवर द्वारा काटे जाने के संकेत मिले हैं. सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा गया कि एक कुत्ता अवशेष को घसीटकर उक्त स्थान तक लाया था. पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय द्वारा जानबूझकर शांति भंग करने का प्रयास नहीं किया गया है. प्रेस वार्ता के दौरान नगर थाना प्रभारी दिनेश महली भी उपस्थित थे.
सीसीटीवी जांच में कुत्ते द्वारा अवशेष घसीटने की पुष्टि, अफवाह फैलाने व सड़क जाम करने वालों पर होगी कार्रवाई
गोड्डा में प्रतिबंधित मांस मामले का पुलिस ने किया खुलासा, मानवीय संलिप्तता नहीं
