एसआइआर-2026 अभियान के दौरान गणना प्रपत्र भरने के नाम पर कथित अवैध वसूली के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है. मामले में बीएलओ के पति के विरुद्ध गोड्डा मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर शिकायत संबंधी संदेश सामने आने के बाद डीसी लोकेश मिश्रा ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए थे.
क्या है मामला
मामला गोड्डा प्रखंड के पचरूखी गांव स्थित मतदान केंद्र संख्या-232 से जुड़ा है. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गणना प्रपत्र भरने के नाम पर बीएलओ के पति मोइनुद्दीन अंसारी ग्रामीणों से अवैध रूप से रुपये वसूल रहे हैं. शिकायत मिलने के बाद उपायुक्त के निर्देश पर मामले की जांच करायी गयी. बीडीओ दयानंद जायसवाल ने बीएलओ पर्यवेक्षक एवं प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी से मामले की जांच करायी. जांच टीम ने स्थल निरीक्षण किया, संबंधित लोगों से पूछताछ की तथा उपलब्ध साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया. जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित मतदान केंद्र पर साजदा बीबी बीएलओ के रूप में कार्यरत हैं, जबकि गणना प्रपत्र भरने के नाम पर उनके पति मोइनुद्दीन अंसारी लोगों से अवैध रूप से पैसे की वसूली कर रहे थे. इसे भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया.
एफआईआर दर्ज, विभागीय कार्रवाई भी शुरू
जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर 16 जुलाई 2026 को गोड्डा मुफस्सिल थाना कांड संख्या-0105/2026 दर्ज किया गया. प्राथमिकी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 28ए एवं 32, बीएनएस, 2023 की धारा 308 तथा बीएनएसएस, 2023 की धारा 318(4) के तहत दर्ज की गयी है, इसके साथ ही संबंधित बीएलओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है तथा उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गयी है. ‘निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा. निर्वाचन कार्य में अनधिकृत हस्तक्षेप अथवा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी. आम नागरिकों से अपील है कि निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित किसी भी शिकायत या सूचना प्रमाण सहित संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करायें. प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. जिला प्रशासन स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
