गोड्डा : जिले में बिजली बिल में कथित भारी गड़बड़ी को लेकर सैकड़ों उपभोक्ताओं में आक्रोश है. सामान्य तौर पर 400 से 500 रुपये का बिजली बिल आने वाले उपभोक्ताओं को इस बार 10 हजार से 25 हजार रुपये तक के बिल भेजे जाने की शिकायत सामने आयी है. अचानक कई गुना बढ़े बिल से परेशान उपभोक्ता मंगलवार को बड़ी संख्या में बिजली कार्यालय पहुंचे और विभाग का घेराव कर नाराजगी जतायी. उपभोक्ताओं ने विभागीय पदाधिकारियों से सवाल किया कि नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करने के बावजूद अचानक हजारों रुपये का बिल किस आधार पर भेजा गया. लोगों का कहना था कि यह समस्या केवल अगस्त माह तक सीमित नहीं है. जुलाई में भी कई उपभोक्ताओं को सामान्य खपत की तुलना में दो से कई गुना अधिक बिल भेजे जाने की शिकायत सामने आयी थी.
एसडीओ ने माना बिलिंग में हुई गड़बड़ी
मंगलवार को बिजली कार्यालय पहुंचे आक्रोशित उपभोक्ताओं के बीच मौजूद एसडीओ संजय प्रसाद गुप्ता ने बिलिंग में गड़बड़ी होने की बात स्वीकार की. उन्होंने उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है. सभी गलत बिलों में सुधार किया जाएगा और फिलहाल किसी उपभोक्ता से गलत बिल की राशि नहीं ली जा रही है. कुछ उपभोक्ताओं के बिल में मौके पर ही सुधार भी किया गया.
स्मार्ट मीटर लगने के बाद परेशानी बढ़ने का आरोप
उपभोक्ताओं का आरोप है कि घरों में स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिल में गड़बड़ी की शिकायतें बढ़ गयी हैं. लोगों का कहना है कि पहले बिजली बिल की व्यवस्था अपेक्षाकृत सरल थी, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं को अचानक अधिक बिल मिलने लगा है. कुछ उपभोक्ताओं ने निजी कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की.
महिला उपभोक्ताओं ने कहा कि एक ओर सरकार की ओर से ‘मंईयां योजना’ जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बिजली बिल में अप्रत्याशित बढ़ोतरी से आम परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. उपभोक्ताओं ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार और झारखंड बिजली वितरण निगम के सचिव से गोड्डा जैसे क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा करने तथा पुराने मीटर पुन: लगाए जाने की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उपभोक्ता आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे.
जुलाई में भी अधिक बिल मिलने की शिकायत
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिल में गड़बड़ी का मामला केवल अगस्त माह का नहीं है. जुलाई में भी दर्जनों उपभोक्ताओं को सामान्य खपत से दो गुना से अधिक बिल भेजे जाने की शिकायत मिली थी. महावीर नगर वार्ड नंबर 12 निवासी उपभोक्ता मनोज दुबे ने बताया कि जुलाई में उनके मीटर की रीडिंग और बिल असामान्य रूप से अधिक आया था. इसके बावजूद उन्हें मजबूरी में बिल की राशि जमा करनी पड़ी.
उपभोक्ताओं ने विभाग से मांग की है कि बढ़े हुए बिलों की तत्काल जांच कर वास्तविक मीटर रीडिंग के आधार पर बिल संशोधित किया जाये, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके.
