गोड्डा सदर अस्पताल अपनी खराब स्थिति और संसाधनों की कमी को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में है. अस्पताल में बुनियादी जांच सुविधाओं का गंभीर अभाव है, फिर भी प्रशासन बाहरी विशेषज्ञ डॉक्टरों को बुलाकर मरीजों का इलाज कराने में जुटा है. ताजा मामला हृदय रोगियों की जांच से जुड़ा है, जहां बिना पर्याप्त इंतजाम और सुविधाओं के ही उपचार और परामर्श दिया जा रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, सदर अस्पताल प्रशासन द्वारा मणिपाल हॉस्पिटल इएम बाइपास के विशेषज्ञ डॉक्टर डॉ. राणा राठौर राय और डॉ. निकेत अरोड़ा को बुलाकर हृदय रोगियों का परामर्श एवं उपचार कराया जा रहा है. अब तक इस कवायद के तहत करीब 160 मरीजों की जांच की जा चुकी है और उन्हें आवश्यक चिकित्सीय सलाह दी गयी है.
न अल्ट्रासाउंड, न अन्य जांच सुविधाएं : मरीजों को प्राइवेट सेंटरों का सहारा
हैरानी की बात यह है कि अस्पताल में हृदय जैसी संवेदनशील बीमारी की जांच के दावे के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. न तो अल्ट्रासाउंड उपलब्ध है और न ही अन्य जरूरी पैथोलॉजिकल या रेडियोलॉजिकल जांचें हो पा रही हैं. मरीज और उनके परिजन शिकायत करते हैं कि बाहर से डॉक्टर बुलाना अच्छी पहल है, लेकिन जब अस्पताल में जांच करने की मशीनें ही नहीं हैं, तो डॉक्टर सटीक रिपोर्ट के बिना इलाज कैसे करेंगे. परिणामस्वरूप मरीजों को महंगे प्राइवेट सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है.
