आदिवासी बहुल रतनचक गांव में पेयजल संकट गहराया

गांव के ग्रामीणों को लंबी दूरी सफर कर पानी पीने के लिए अपने सिर पर ढोकर लाना पड़ता है.

ठाकुरगंगटी. प्रखंड क्षेत्र की फुलबड़िया पंचायत के अंतर्गत आदिवासी बहुल गांव रतनचक में इन दिनों पेयजल संकट गहरा गया है. गांव के लोग पीने के पानी को लेकर त्राहिमाम हो रहे हैं. गांव में 40 घर में ढाई सौ की आबादी रहती है, जो कि मात्र एक जलमीनार पर आश्रित है. गांव सड़कों के दोनों किनारों तक लंबी दूरी तक बसा है. गांव के पूर्वी दिशा में गांव के बाहर एक जलमीनार लगी है, जहां गांव के ग्रामीणों को लंबी दूरी सफर कर पानी पीने के लिए अपने सिर पर ढोकर लाना पड़ता है. हालात में भी गांव के ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पाती है. भीषण गर्मी में लोगों की प्यास तक नहीं बुझ पाती है. ग्रामीण दिलीप हसदा,सोनेलाल टुड्डू, पृथा मरांडी, सुनील टुड्डू, बबलू मुर्मू ने बताया की पानी के लिए काफी हाहाकार मचा है. गांव के चारों तरफ पानी के लिए ग्रामीण परेशान है. गांव के बाहर नदी है. पूरी तरह से सुख चुकी है. इसके पूर्व इस नदी में सालों भर पानी भरा हुआ रहता था. जिससे की गांव के लोग स्नान करने के साथ साथ मवेशियों को भी पानी पिलाने का काम किया करते थे. पर बारिश नहीं होने के कारण परेशानी बढ़ गयी है. अब तो गांव के ग्रामीण काफी चिंतित होने लगे हैं. इस साल कौन-सी आफत आ गयी है. ऐसा लगता है कि भोजन करने से पहले गांव में पेयजल की समुचित व्यवस्था हो जाये. गांव के सैकड़ों की आबादी पीने के पानी को लेकर हलकान है. इन दिनों पेयजल की घनघोर किल्लत के कारण ग्रामीणों के साथ साथ मवेशियों को भी काफी कठिनाई हो रही है. ग्रामीणों ने बताया कि अगर यही हाल रहा तो पानी के बगैर लोग तपड़ने लगेंगे. बीच गांव में एक चापाकल है. परंतु दो चार बाल्टी पानी देते देते बंद हो जाता है.

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Author: SANJEET KUMAR

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