गोड्डा : जिले में सर्पदंश के बढ़ते मामलों के बीच जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क किया है. बारिश के मौसम में बिलों में पानी भरने के कारण सांप घरों, खेतों और झाड़ियों की ओर निकल आते हैं. इसे देखते हुए जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से सर्पदंश से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी की गयी है. प्रशासन ने कहा है कि थोड़ी सी सावधानी व्यक्ति और उसके परिवार की जान बचा सकती है.
घर के आसपास रखें सफाई
प्रशासन ने घर के आसपास घास, झाड़ियों और कचरे की नियमित सफाई करने की सलाह दी है. रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करने तथा खेतों में काम के दौरान गमबूट और मोटे दस्ताने पहनने को कहा गया है. लकड़ी और पत्थरों के ढेर में हाथ डालने से पहले डंडे से जांच करने की सलाह दी गयी है. साथ ही दरवाजे और खिड़कियों की दरारें बंद रखने तथा चूहों की संख्या कम रखने को कहा गया है.
सांप दिखे तो न पकड़ें
प्रशासन ने कहा है कि सांप दिखाई देने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाये रखें. उसे मारने या पकड़ने की कोशिश नहीं करें. इसकी सूचना वन विभाग या रेस्क्यू टीम को दें. बच्चों को झाड़ियों और पानी भरे क्षेत्रों में अकेले नहीं जाने देने की भी सलाह दी गयी है.
काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें
सांप के काटने पर पीड़ित को शांत रखने और कम से कम हिलाने की सलाह दी गयी है. काटे गये अंग को स्थिर रखते हुए तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाने को कहा गया है. संभव हो तो सुरक्षित दूरी से सांप की फोटो ली जा सकती है, जिससे उसकी पहचान में मदद मिल सके.
झाड़-फूंक से बचने की अपील
प्रशासन ने लोगों से झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र पर भरोसा नहीं करने की अपील की है. जख्म को चीरने, चूसने या जलाने से बचने को कहा गया है. बहुत कसकर कपड़ा या रस्सी नहीं बांधना चाहिए और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा नहीं लेनी चाहिए. प्रशासन के अनुसार सर्पदंश के बाद समय पर अस्पताल पहुंचना सबसे अहम है. सही समय पर एंटी-स्नेक वेनम मिलने से पीड़ित की जान बचायी जा सकती है.
