गोड्डा नगर परिषद क्षेत्र में शो पीस बनीं सोलर जलमीनारें

लाखों की लागत के बावजूद जलमीनार महीनों से खराब, लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा

गोड्डा शहर में भीषण गर्मी और जल संकट से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद द्वारा लाखों की लागत से लगायी गयी सोलर जलमीनारें इन दिनों बेकार साबित हो रही हैं. शहर के प्राइवेट बस स्टैंड, सिविल सर्जन कार्यालय के पास, मीट मंडी और घनी आबादी वाले इलाकों में स्थापित कई जलमीनारें महीनों से खराब पड़ी हैं. इससे राहगीरों, यात्रियों और स्थानीय दुकानदारों को पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान होना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर परिषद ने जलमीनारें तो लगवा दीं, लेकिन उनका नियमित मेंटेनेंस नहीं किया गया. कई जलमीनारों के सोलर पैनल खराब हो चुके हैं, जबकि कई में मोटर जल जाने के कारण टोंटियां महीनों से सूखी पड़ी हैं. जलमीनारों के आसपास जलजमाव और गंदगी के कारण वहां का पानी पीना भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो गया है.

बोतलबंद पानी पर निर्भर होना पड़ रहा जनता को

बाजार आने वाले ग्राहक और राहगीर मजबूरी में बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं. स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की, लेकिन नगर परिषद की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. राहगीरों का कहना है कि नगर प्रशासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान देता है, संरक्षण पर नहीं. सोलर जलमीनारें खराब होने के कारण लोग अब सरकारी चापाकालों पर निर्भर हैं, जिनमें से अधिकांश पहले ही जवाब दे चुके हैं. आने वाले गर्मी के मौसम को देखते हुए यदि समय रहते जलमीनारों की मरम्मत नहीं की गयी, तो स्थिति और भी गंभीर और भयावह हो सकती है.

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By SANJEET KUMAR

SANJEET KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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