रवि ठाकुर की रिपोर्ट
पोड़ैयाहाट (गोड्डा): प्रखंड के पश्चिमी क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली डांडै त्रिवेणी बियर का तटबंध टूटने से करीब दो दर्जन गांवों के किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया था. नहरों में पानी नहीं पहुंचने से खेती प्रभावित होने लगी थी. किसानों की समस्या को देखते हुए पोड़ैयाहाट विधायक सह कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव की पहल पर रविवार से तटबंध की अस्थायी मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया.
मरम्मत कार्य में सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) के साथ स्थानीय ग्रामीण भी जुटे हुए हैं. विधायक प्रदीप यादव स्वयं मौके पर पहुंचे और करीब दो घंटे तक निर्माण कार्य का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर हाल में इस सीजन में किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
किसानों की समस्या को प्राथमिकता देते हुए शुरू कराया गया कार्य
तटबंध टूटने के कारण डांडै, त्रिवेणी और आसपास के लगभग दो दर्जन गांवों के किसान सबसे अधिक प्रभावित हुए थे. किसानों ने विधायक से मिलकर अपनी समस्या रखी थी, जिसके बाद उन्होंने सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल संपर्क कर मरम्मत कार्य शुरू कराया.
निरीक्षण के दौरान विधायक ने विभागीय अधिकारियों और कर्मियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में खेतों तक पानी पहुंचना बेहद जरूरी है. इसलिए तटबंध की ऐसी मरम्मत की जाए, जिससे पानी का बहाव नियंत्रित रहे और नहरों तक पर्याप्त पानी पहुंच सके. स्थानीय ग्रामीणों ने भी श्रमदान कर मरम्मत कार्य में सहयोग किया. उनका कहना था कि विधायक के हस्तक्षेप से ही इतनी जल्दी काम शुरू हो सका.
अगले वर्ष नए मॉडल से होगा तटबंध का निर्माण
विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि डांडै त्रिवेणी बियर का तटबंध काफी पुराना हो चुका है और लगभग हर वर्ष इसके टूटने की समस्या सामने आती है. इसे देखते हुए स्थायी समाधान की दिशा में पहल की जा रही है. उन्होंने बताया कि बियर के पुनर्निर्माण के लिए नया डीपीआर तैयार किया जा रहा है. अगले वर्ष नए मॉडल के आधार पर इसका निर्माण कराया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो.
उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी उनकी बातचीत हो चुकी है और उन्होंने भी प्रस्ताव पर सकारात्मक सहमति जताई है. विधायक ने कहा कि इस बियर से निकलने वाली नहरों के माध्यम से हजारों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती है और लगभग दो दर्जन गांवों के हजारों किसान इससे लाभान्वित होते हैं. इसलिए इसका मजबूत और स्थायी निर्माण क्षेत्र की कृषि व्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक है.
चार से पांच दिनों में पूरा होगा मरम्मत कार्य
सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर ने बताया कि तटबंध की मरम्मत में बालू, बोल्डर और मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है. अगले चार से पांच दिनों में मरम्मत कार्य पूरा कर नहरों में पानी छोड़ने की तैयारी कर ली जाएगी.
किसानों ने जताया आभार
तटबंध टूटने से परेशान किसानों ने मरम्मत कार्य शुरू होने पर राहत जताई. किसानों का कहना है कि यदि समय पर तटबंध की मरम्मत नहीं होती तो इस बार उनकी फसल बर्बाद हो जाती. उन्होंने विधायक प्रदीप यादव की पहल के प्रति आभार व्यक्त किया. इस दौरान विधायक के साथ अजीत महात्मा, सीताराम राय, लक्ष्मण सिंह, पटेल झा, मनोज यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे.
