संवाददाता, गोड्डा : खनिज कानून में प्रस्तावित बदलाव और राम मंदिर चंदा मामले को लेकर कांग्रेस केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी जन आंदोलन शुरू करने की तैयारी में है. पार्टी ने केंद्र सरकार की नीतियों को राज्यों के अधिकारों पर हमला और संघीय ढांचे के लिए चुनौती बताया है. यह जानकारी पोड़ैयाहाट विधायक सह कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने प्रेस वार्ता में दी.
खनिज अधिकार छीनने का लगाया आरोप
प्रदीप यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय पीठ के फैसले के बाद राज्यों को खनिजयुक्त भूमि पर अतिरिक्त सेस लगाने का अधिकार मिला था. उनके अनुसार, इससे झारखंड को हर वर्ष करीब 1,200 करोड़ रुपये की आय हो रही थी, जिसका उपयोग मंईयां सम्मान योजना और अबुआ आवास योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं में किया जा रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026 के माध्यम से केंद्र सरकार राज्यों के इस अधिकार को कमजोर करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक आंदोलन करेगी.
जीएसटी से झारखंड को नुकसान का दावा
कांग्रेस विधायक ने कहा कि वर्ष 2017 में लागू जीएसटी व्यवस्था के कारण झारखंड जैसे उत्पादक राज्यों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. उनके अनुसार, 2017 से 2024 के बीच झारखंड को करीब 16,408 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और यह राशि वर्ष 2029 तक बढ़कर करीब 61,670 करोड़ रुपये होने का अनुमान है.
उन्होंने राज्य सरकार से इस मुद्दे पर विशेष विधानसभा सत्र बुलाकर खनिज संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध करने की मांग की.
राम मंदिर चंदे को लेकर भाजपा-आरएसएस पर निशाना
प्रदीप यादव ने राम मंदिर से जुड़े चंदे को लेकर भी भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि भगवान राम के नाम पर करोड़ों श्रद्धालुओं से प्राप्त दान को लेकर पारदर्शिता जरूरी है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की.
गांव-गांव पहुंचेंगे कांग्रेस कार्यकर्ता
उन्होंने बताया कि दोनों मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता गांवों और मोहल्लों तक जाएंगे. आंदोलन के तहत जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. इसके बाद राजभवन घेराव और प्रखंड स्तर पर व्यापक विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
प्रेस वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष याहिया सिद्दकी, प्रमंडलीय प्रवक्ता इकरारूल हसन आलम, जिला परिषद सदस्य रंजना कुमारी समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
